वीर सपूत ने दो आतंकवादियों को उतारा था मौत के घाट,राष्ट्रपति ने शौर्य वीरता पदक से किया सम्मानित

वीर सपूत ने दो आतंकवादियों को उतारा था मौत के घाट,राष्ट्रपति ने शौर्य वीरता पदक से किया सम्मानित

By: Madhav Singh

Updated: 26 Jan 2021, 08:42 PM IST

रायबरेली. बैसवारा वीर सपूतों, कवि व लेखकों की धरती कहीं जाती है। आजादी से पूर्व जनपद में कई वीरों ने अंग्रेजों के साथ भी लोहा लिया है और उनके हौसलों को परास्त किया है। ऐसा ही कुछ दुसौती गांव निवासी एक वीर सपूत केसरी कुमार सिंह ने दो आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा था। केसरी के पराक्रम को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति ने गणतंत्र दिवस के मौके पर उनको शौर्य वीरता पदक से सम्मानित किया। इस सूचना से गांव सहित संपूर्ण पूरे जिले से लोगों की बधाईयों का तांता लग गया।


वीर सपूत ने दो आतंकवादियों को उतारा था मौत के घाट

21 मार्च 2019 को कश्मीर स्थित हाजिन (बांदीपोर ) में एनकाउंटर में केसरी कुमार सिंह ने दो पाकिस्तानी आतंकवादियों को मौत के घाट उतारा था। केसरी रायबरेली जिले के दुसौती गांव के निवासी हैं। राष्ट्रपति द्वारा मिले सम्मान से पिता गुप्तार सिंह का सीना गर्व से चौड़ा हो गया और उन्होंने राष्ट्रपति का आभार जताया है।

कश्मीर में सीआरपीएफ के 45वीं बटालियन में तैनात है सहायक कमांडेंट-

केसरी कुमार सिंह मौजूदा समय में कश्मीर में सीआरपीएफ के 45वीं बटालियन में सहायक कमांडेंट के रूप में तैनात हैं। यह इस परिवार की पांचवी पीढ़ी है, जो इस देश की सेवा के लिए भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आतंकवादी को मार कर उन्होंने अपने ही भाई शहीद उमाशंकर सिंह का 30 वर्ष पुराना बदला ले लिया है, जिन्हें वर्ष 1983 में कश्मीर में ही शहादत प्राप्त हुई थी। इस उपलब्धि के हासिल होने पर केसरी कुमार सिंह ने न सिर्फ अपने गांव का बल्कि पूरे जिले का सर गर्व से ऊंचा किया है।

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