स्वास्थ्य विभाग की कार्यशाला का आयोजन फाइलेरिया मुक्त जनपद बनाने को लेकर हुई चर्चा

स्वास्थ्य विभाग की कार्यशाला का आयोजन, फाइलेरिया मुक्त जनपद बनाने को लेकर हुई चर्चा

By: Madhav Singh

Published: 15 Nov 2018, 06:53 PM IST

रायबरेली। उत्तर प्रदेश में अभी भी 17 जिले ऐसे हैं जहां फाइलेरिया का प्रकोप है लेकिन अफसोस कि रायबरेली भी उनमें से एक है यह बात कही जिले के सीएमओ डॉ डी.के. सिंह शहर के एक होटल में आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। सीफार यानि सेंटर फॉर एडवोकेसी एंड रिसर्च के सहयोग से ‘फाइलेरिया नियंत्रण एवं मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन‘ विषय पर एक कार्यशाला आयोजित की गई।

 

सीएमओ डॉ डी.के. सिंह ने कहा कि हमें उम्मीद है कि जागरूकता के जरिये हम फायलेरिया पूरी तरह से जिले से खत्म कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि आवश्यक बात यह है कि दवा जब भी दी जाए उसे रखें नहीं बल्कि तुरंत ही चबाकर खा लें। यह गोली बड़े आकार की होती है इसलिए बुजुर्गो और बच्चों को दवा पीसकर दी जानी चाहिए। सीएमएस डॉ एन के श्रीवास्तव ने कहा कि दवाईयां सीएचसी, आशा और अन्य सहयोगियों को उपलब्ध करवा दी गयीं हैं। ये सभी लोग जनता को मुफ्त में दवाईयां बांटते है। एसीएमओ डॉ नागेंद्र प्रसाद ने कहा कि फाइलेरिया की दवा खाने से कोई बीमारी होती है, यह बात गलत है। उल्टी हो सकती है, लेकिन यह कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा कि दवा खाते समय बस एहतियात बरतने की जरूरत है। यह बीमारी गंदगी में पनपने वाले मच्छरों से होती है इसलिए साफ सफाई का खास ख्याल रखें।

 

मलेरिया अधिकारी ने लोगों को फिल्म के माध्यम से समझाया

 

कार्यशाला के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी डॉ ऋतु श्रीवास्तव प्रोजेक्टर के माध्यम से कार्यशाला में आये लोगों को एक फिल्म दिखाई। उन्होंने बताया कि जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिये स्वास्थ्य विभाग के अलावा जिला पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग और सूचना विभाग सहयोग कर रहा है। इसके अलावा नगर पालिका भी साफ सफाई और फॉगिंग करवाकर सहयोग कर रहा है। डॉ ऋतु श्रीवास्तव ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि जानकारी और जागरूकता ही इस बीमारी का बचाव है। ऐसे में जो भी दवा दी जा रही है, उसका सेवन जरूर करें। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया नियंत्रण की दिशा में राष्ट्रीय फाइलेरिया मुक्त अभियान 14 से 16 नवंबर तक चलेगा। इस अभियान के दौरान आशा, ए.एन.एम. के सहयोग से दवाईयां वितरित कराई जा रही हैं। यदि कोई छूट जाता है तो उन्हें माप अप राउंड में 17 और 18 नवंबर को दवा खिलाई जाएगी। कार्यशाला के दौरान डीएचईआईओ डॉ एस अस्थाना, डिप्टी डीएचईआईओ अंजली सिंह, यूनिसेफ, पीसीआई, दूरदर्शन-आकाशवाणी, सूचना विभाग के प्रतिनिधि, और अन्य पत्रकार मौजूद रहे।

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