पीएम आवास योजना का लाभ देने माथा देख कर लगाया तिलक, छांट-छांट कर हितग्राहियों को दिया शासन की योजना का लाभ

जिला पंचायत के अधिकारी मामले से पूरी तरह अंजान

By: Shiv Singh

Updated: 10 Mar 2019, 03:08 PM IST

रायगढ़. हर गरीब को घर मिले, इस उद्ेश्य को लेकर शासन ने पीएम आवास की योजना तैयार की। ताकि इसका लाभ बिना भेदभाव के लाभ मिल सके, लेकिन अधिकारियों ने कमीशनखोरी की वजह से हितग्राहियों के माथा देख कर तिलक लगाया। इसका उदाहरण पुसौर ब्लाक के ग्राम पंचायत पचेड़ा में आसानी से देखने को मिल सकता है। रोस्टर में जितने हितग्राही दर्ज थे, उसमेें छांट-छांट कर हितग्राहियों को इसका लाभ दिया गया है।

पुसौर ब्लाक के ग्राम पंचायत पचेड़ा तीन गांवों से मिल कर एक ग्राम पंचायत बना है। इसमें पचेड़ा के अलावा टेका व अमलीडीही शामिल है। इस ग्राम पंचायत में वर्ष २०१६-१७ व २०१७-१८ में १४१ हितग्राहियों ने शासन के पीएम आवास योजना का लाभ देने के लिए आवेदन जमा किया। हितग्राहियों ने जो आवेदन जमा किए थे, उन्हें रोस्टर के अनुसार रखा गया, लेकिन जब इन हितग्राहियों को योजना का लाभ देने की बारी आई तो इसमें अधिकारियों ने जमकर मनमानी की।

इस ग्राम पंचायत के पचेड़ा गांव में रहने वाली कुंवरमति मांझी वरियता क्रम में पहले नंबर पर है। पहले नंबर पर होने के बाद भी इस हितग्राही महिला को अब तक शासन की पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका। वहीं वरियता क्रम दो, तीन और चार की भी यही हालत है। जबकि वरियता क्रम के पांचवें नंबर पर रहने वाले हितग्राही को इसका लाभ मिल चुका है। वरियता क्रम दो में अमलडीहा के ननकी दाई, तीन में देवमति, चार में सुकांति चौहान हैं।

इसी तरह वरियता क्रम 20 से 30 की स्थिति पर गौर करे तो २०वें वरियता क्रम में पचेड़ा के हेम प्रसाद चौहान हैं, जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिल सका। जबकि २१ से २९ तक हितग्राहियों को लाभ मिल चुका है। वहीं ३०वें वरियता क्रम पचेड़ा के श्याम सुंदर मांझी का आवेदन अभी भी लटका हुआ है।

अब तक करीब 42के आवेदन लटके
ग्राम पंचायत पचेड़ा की स्थिति पर गौर करे तो यहां करीब 42 हितग्राहियों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसमें से कई ऐसे हितग्राही है, जो वर्ष 2017 व 2018 में आवेदन कर चुके हैं। बताया जा रहा है कि मौजूदा समय में टेका गांव के 9 हितग्राही तो पचेड़ा के 19 और अमलीडीही के 14 हितग्राहियों को पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है, जबकि इन हितग्राहियों के द्वारा विधिवत आवेदन जमा किया था।

कमीशन की आशंका
विभागीय सूत्रों की माने तो पीएम आवास योजना के नाम पर जमकर लेने-देन का खेल खेला जा रहा है। बताया जा रहा है योजना का लाभ दिलवाए जाने के नाम पर खुले रूप से राशि की मांग की जा रही है, जिन हितग्राहियों के द्वारा राशि देने की सहमति दी जा रही उनके नाम का आवास योजना स्वीकृत हो
रहा है।

-पीएम आवास योजना में वरियता क्रम को नजर अंदाज किए जाने की जानकारी नहीं है। यह जानकारी आपके माध्यम से मिल रही है। यदि ऐसा हो रहा है तो इस मामले में दिखवाती हूं।

- चंदन त्रिपाठी, सीईओ, जिला पंचायत

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