video- किन्नर महापौर ने निगम में किया जबरदस्त धमाका, विरोधियों की हालत पतली

Vasudev Yadav

Publish: Nov, 14 2017 02:05:54 (IST) | Updated: Nov, 14 2017 02:11:48 (IST)

Raigarh, Chhattisgarh, India
video- किन्नर महापौर ने निगम में किया जबरदस्त धमाका, विरोधियों की हालत पतली

यह तगड़ी चाल उस वक्त चली गई है जब एमआईसी को पूरी तरह से तोड़कर इसकी व्यवस्था को परिषद के हवाले करने की चाल निगम में चल रही थी।

रायगढ़। मंगलवार को किन्नर महापौर की ओर से की गई तोड़-फोड़ से निगम में हैरानी का आलम है। विरोधियों की समझ में यह नहीं आ रहा है कि अब वो अगली चाल क्या चलें।

मंगलवार को रायगढ़ नगर निगम में किन्नर महापौर मधु बाई ने जबरदस्त धमाका कर दिया है। कोरम के आभाव से जूझ रही एमआईसी में वो तीन नए पार्षदों को लेकर पहुंच गई हैं। इसमें से एक पार्षद लीलावती धुर्वे कांग्रेस से है तो दो पार्षद राघवेन सिंह और नवधा मिरी निर्दलीय हैं।

दरअसल महापौर की यह तगड़ी चाल उस वक्त चली गई है जब एमआईसी को पूरी तरह से तोड़कर इसकी व्यवस्था को परिषद के हवाले करने की चाल नगर निगम में चल रही थी। ऐसे में महापौर ने इस विरोधियों के इस चाल को करारा झटका दे दिया है। विदित हो कि निगम की मेयर इन कांउसिल कोरम पूरा नहीं होने का संकट झेल रही थी। आलम यह था कि कोरम पूरा नहीं होने के कारण शहर विकास के मामले में छोटी से छोटी बैठक भी अधिकृत तौर पर आयोजित नहीं हो पा रही थी। यह स्थिति कई दिनों से बनी हुई थी।

दूसरी ओर विरोधी पार्टी की ओर से यह प्रयास किया जा रहा था कि निर्दलीय सरकार के एमआईसी को पूरी तरह से तोड़ दिया जाए ताकि निगम की व्यवस्था परिषद के हाथ में चली जाए और परिषद में संख्या बल के हिसाब से निगम की सत्ता को अपने हाथों में कर लिया जाए। ऐसा लगभग होने के ही कगार पर था क्योंकि पूर्व में एमआईसी के तीन सदस्यों शरद सराफए लालचंद यादव और दिनेश शर्मा को रायगढ़ विधायक एमआईसी से तोड़कर अपने भाजपा के खेमे में लेकर चले गए हैं।

कहा यह भी जा रहा है कि बाकि बचे सदस्यों को भी तोडऩे की कोशिश चल रही थी। इसी बीच महापौर मधु किन्नर ने नहले पर दहला वाली चाल चली और एक कांग्रेस और दो निर्दलीय पार्षदों को अपने साथ लेकर आ गई और अपनी एमआईसी की बाधा को दूर कर दिया है। फिलहाल निगम में एमआईसी के गठन की तैयारी चल रही थी।

दो लोग प्रमुख भूमिका में
निगम में अचानक से एमआईसी गठन के प्रक्रिया के आरंभ होने के बाद चर्चा का माहौल गर्म हो गया है। ऐसे में जो जानकारी सामने आ रही है कि उसके अुनसार मेयर का सहयोग कांग्रेस और भाजपा के ही लोगों की ओर से किया गया है। कांग्रेस वैसे भी निगम में न पाने और न खोने की स्थिति में हैं, वहीं भाजपा में विधायक गुट के बढ़ते वर्चस्व को देखते हुए कुछ भाजपाई एमआईसी बचाओ अभियान में शामिल हो गए थे ताकि निगम में विधायक गुट हावी न हो सके। हलंाकि ये केवल चर्चा मात्र है, इसकी पुष्टि न तो कोई कांग्रेसी कर रहा है और न ही कोई भाजपाई कर रहा है।

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