कहीं बस की राह ताकते रह गए हितग्राही, तो कहीं डीजल नहीं मिलने से ड्राइवरों ने खड़ी कर दी बस

कई हितग्राहियों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भीड़ के रुप में इक्ट्ठा करने का वन विभाग की प्लानिंग, धरी की धरी रह गई।

By: Vasudev Yadav

Published: 09 Dec 2017, 08:24 PM IST

रायगढ़। मुख्यमंत्री के धरमजयगढ़ दौरे के क्रम में अधिक से अधिक भीड़ जुटाने की मुहिम में जिला प्रशासन व वन विभाग के पसीने छूट गए। पहले से तय कार्यक्रम के तहत कहीं हितग्राहियों को लेने के लिए बस ही नहीं पहुंची तो कहीं विभाग द्वारा डीजल देने में आनाकानी करने पर बस चालक ने गाड़ी को खड़ा कर दिया। जिसकी वजह से कई हितग्राहियों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में भीड़ के रुप में इक्ट्ठा करने का वन विभाग की प्लानिंग, धरी की धरी रह गई।

तेंदूपत्ता बोनस तिहार के तहत मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह का धरमजयगढ़ दौरा, वन विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है। इस बीच उस समय अजीबों-गरीब स्थिति हो गई। जब ग्राम एकताल के हितग्राही, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जाने के लिए शनिवार की सुबह बस के इंतजार मेंं घंटों बीता दिया। जिस बस को रात में ही गांव के बाहर खड़ा करने को कहा गया था। वो सुबह तक नहीं पहुंची। जिसकी वजह से जिम्मेदार अधिकारी के पसीनें छूटने लगे। इस बीच पुसौर जनपद में भी एक स्कूल बस पहुंची। जिसके दो चक्के पंचर थे और उसके पास कोई स्टेपनी भी नहीं थी। जिसकी वजह से उक्त बस को पुसौर से रवाना करना संभव नहीं था।
ऐसी स्थिति में एकताल व पुसौर के लिए नए बसों का तत्काल प्रबंध करने में विभागीय कर्मचारी के पसीने छूट गए। जैसे-तैसे दो बस बदन व राधा स्वामी को जुगाड़ कर लाया गया। पर डीजल देने के नाम पर रेंज आफिस के बाहर विववद हो गया। विभाग की ओर से 50 लीटर डीजल का पर्ची बस चालकों को थमाया गया। जिसमें उन्हें धरमजयगढ़ जाना व आना था। पर बस मालिक इस बात को लेकर विवाद कर रहे थे कि उन्हें पुसौर क्षेत्र के कई गांव का भ्रमण कराया गया है। यह भ्रमण हितग्राहियों को जहां-तहां से लेने के लिए कराया गया है। जिसमें पहले से १०-१५ लीटर तेल जल चुका है। उपर से विभाग द्वारा कम डीजल देने पर विवाद होना स्वभाविक था।

तीन वन मंडलों ने झोंकी ताकत
तीन वन मंडल रायगढ़, कोरबा व धरमजयगढ़ के इस संयुक्त आयोजन में इस बात पर भी काफी मंथन हुआ कि सीएम के कार्यक्रम में अधिक से अधिक तेंदूपत्ता के हितग्राहियों को भीड़ के रुप में इक्ट्टा करना है। जिसकी तैयारी में विभागीय अधिकारी व कर्मचारी करीब डेढ़ सप्ताह से जुटे हुए थे। बड़े पैमाने पर स्कूल, कंपनी के अलावा दैनिक सवारी बसों को भी अधिग्रहण किया गया था।

जब पहुंचे हितग्राही, उड़ चुका था सीएम का उडऩखटोला
डीजल कम देने को लेकर हुए विवाद के बीच करीब एक से डेेढ़ घंटे तक उक्त बसें, रेंज कार्यालय के बाहर खड़ी रही। इस बीच दोपहर के एक बज चुका था। फिर विभाग द्वारा प्रत्येक बस चालक को 70 लीटर, डीजल की पर्ची दी गई। उसके बाद बसें रवाना हुई। इस बीच यह भी खबर मिल रही है कि जब पुसौर क्षेत्र के हितग्राही, कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। सीएम का उडऩखटोला, धरमजयगढ़ से रवाना हो चुका था।

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