शासकीय विभागों में गड़बडिय़ों की शिकायत जांच तक ही सिमटी

शासकीय विभागों में गड़बडिय़ों की शिकायत जांच तक ही सिमटी

Vasudev Yadav | Updated: 14 Aug 2019, 11:56:41 AM (IST) Raigarh, Raigarh, Chhattisgarh, India

शिकायत के बाद बनती है जांच कमेटी, होती है जांच पर कार्रवाई कुछ नहीं, छह माह से साल भर लग जाता है अधिकारियों को जांच करने में

रायगढ. विभिन्न शासकीय विभागों में गड़बडिय़ों की शिकायत जांच तक ही सिमट रही है। घरघोड़ा सीएमओ के खिलाफ हुई जांच में शिकायत की पुष्टी हो चुकी है जांच पूरी हुए करीब माह भर बीत गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वन विभाग द्वारा नियम कानून को ताक पर रखकर किए गए सामान खरीदी की शिकायत में जांच कमेटी गठित हुए ९ माह से अधिक समय बीत गया, लेकिन जांच शुरू नहीं हुई है। इसी प्रकार अन्य कई मामले हैं।
जिला प्रशासन के पास कई छोटे बड़े मामलों में शिकायत आती रहती है। जिस शिकायत में ठोस तत्य होते हैं उसमें जांच का निर्देश दिया जाता है। साथ ही जांच के लिए कमेटी गठित की जाती है। जिला प्रशासन करीब आधा दर्जन मामलों में जांच कर रही है जिसमें फॉरेस्ट में बिना टेंडर के सामान खरीदी, घरघोड़ा नगर पंचायत में नियम कानून को ताक पर रखकर सामान खरीदी करना व मनमाना भवन अनुज्ञा शुल्क वसूलना व अन्य शिकायत है। इसी प्रकार सलासर उद्योग में संयुक्त जांच टीम ने दबिश देकर जांच की थी। इसइमें कई कमियां मिली थी। अधिकांश शिकायतों में चार माह से लेकर साल भर तक का समय बीत गया है, लेकिन अभी तक कई मामलों में जांच पूरी नहीं हुई है तो कई में जांच रिपोर्ट में शिकायत की पुष्टी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं की गई है। कुल मिलाकर देखा जाए तो गड़बडिय़ों की शिकायत पर कार्रवाई किए जाने का दिखावा किया जा रहा है। इसके कारण गड़बड़ी करने वाले व नियम कानून को ताक पर रखकर काम करने वाले अधिकारियों को खुला प्रश्रय मिल रहा है। आश्चर्य की बात तो यह है कि इन सभी बातों से उच्च अधिकारी अनजान नहीं है। इसके बाद भी इन मामलों में कार्रवाई करने के बजाए मौन साधे रहते हैं।

केस वन
वन विभाग में एक अप्रैल 2017 से 14 अगस्त 2018 तक विभिन्न मदों में लाखों रुपए की सामग्री क्रय की गई। सूचना के अधिकार के तहत निकाले गए दस्तावेज के आधार पर जब क्रय किए गए सामग्री का मिलान किया गया तो पाया कि बाजार दर से करीब सौ से 5 सौ फिसदी अधिक दर पर क्रय करते हुए शासन को चपत लगाया गया है। इसको लेकर कलक्टर से 16 सितंबर 2018 को शिकायत किया गया। उक्त शिकायत में कुछ नहीं होने पर फिर से शिकायत की गई। इसके छह माह बाद एक मार्च 2019 को जांच टीम गठित की गई। इसमें डिप्टी कलक्टर दीपक निकुंज और कोषालय अधिकारी अनिल पटेल की दो सदस्यीय टीम गठित की गई, लेकिन इसमें अभी तक जांच नहीं हो सकी।

केस टू
सलासर उद्योग द्वारा प्रदूषण फैलाने की शिकायत पर संयुक्त टीम ने आकस्मिक रूप जांच की। इस दौरान पाया था कि मटेरियल हेंडलिंग सेक्सन के कोल सर्किट से अत्याधिक मात्रा में कोल डस्ट का उत्सर्जन हो रहा था। इसके पीछे कारण यह था कि इसका बैक फिल्टर काम नहीं कर रहा था। यहां कार्यरत कर्मचारियों के पास न तो हेल्मेट मिला न ही सुरक्षा के अन्य सामग्री मिली। ऐसे ही उद्योग के अंदर बिना सुरक्षा व्यवस्था के श्रमिकों से काम कराया जा रहा था। आयरन ओर फाइन्स के भंडारण स्थल में अनुज्ञा संबंधी किसी भी प्रकार से सूचना पटल नहीं लगाया गया था और न ही उक्त स्थल का सीमांकन या घेराबंदी किया गया था। 31 मार्च को शिकायत के बाद अप्रैल में जांच किया गया पर नोटिस के बाद और कुछ नहीं हुआ।

केस थ्री
घरघोड़ा सीएमओ के खिलाफ करीब सात माह पहले भवन अनुज्ञा शुल्क में मनमानी करने के अलावा जोनो लाइट व बिजली की अन्य सामग्री क्रय करने में मनमानी करते हुए बिना टेंडर के क्रय करना। इसके अलावा डस्टबीन खरीदी और यात्रा भत्ता में भी गड़बड़ी करने की शिकायत हुई थी। इसमें जांच कमेटी जिला कोषालय अधिकारी, जिला पंचायत एओ ने जांच किया और रिपोर्ट डूडा को दे दिया। यह रिपोर्ट करीब माह भर तक दबा पड़ा रहा। किसी तरह बाद में यह रिपोर्ट बाहर आई और कलक्टर को पेश किया गया। उक्त जांच में अधिकांश शिकायत की पुष्टी हुई है। इसमेंं कलक्टर के निर्देश पर सीएमओ को नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन इसके बाद कुछ भी कार्रवाई नहीं हुई।

केस फोर
शहर व आस-पास क्षेत्र में बने कालोनियों की शिकायत मिलने पर तत्कालीन कलक्टर शम्मी आबिदी के निर्देश पर एसडीएम ने एक जांच टीम गठित किया है। इसमेंं करीब दो दर्जन कालोनी जो कि वर्ष 2012 के बाद निर्मित हुए हैं की जांच करने के लिए निर्देश दिया गया है। इस आदेश को करीब १० माह से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अभी तक जांच पूरी नहीं हो पाई है। इसमें करीब दर्जन भर कालोनी की जांच भी पूरी हो गई है और इसमें खामियां भी मिली है, लेकिन इनको भी आज तक नोटिस जारी नहीं हुआ है। इसके अलावा मॉ बिहार कालोनी व अमलीभौना में अवैध प्लाटिंग की शिकायत पर भी जांच अधूरी है।

वर्सन
शिकायतों को गंभीरता से लेकर जांच कराई जाती है। कुछ मामलों में जांच चल रही है तो कुछ में जांच पूरी हो चुकी है। जल्द ही संबंधित प्रकरणों में कार्रवाई होगी।
एसएन अहिरवार, एडीएम रायगढ़

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned