सेव फॉरेस्ट वाट्सअप ग्रुप में वन विभाग के अधिकारी ने डाले आठ पोर्न वीडियो, मचा हड़कंप

Forest department: ग्रुप के एक सदस्य की लिखित शिकायत पर आरोपी अधिकारी के खिलाफ धारा 292 के तहत अपराध दर्ज

By: Vasudev Yadav

Published: 22 Mar 2020, 08:41 PM IST

रायगढ़. सेव फॉरेस्ट नामक वाट्सअप ग्रुप में आधा दर्जन से अधिक पोर्न वीडियो डालने वाले वन विभाग के अधिकारी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रुप के एक सदस्य की लिखित शिकायत पर जांच के बाद पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ धारा 292 के तहत अपराध दर्ज किया है। वहीं मामले की विवेचना की जा रही है।

ज्ञात हो कि अधिकारी द्वारा पोर्न वीडियो डालने की घटना से शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया था। वहीं इस मामले को रफा-दफा करने में अधिकारी के गुर्गे जोर-शोर से लगे हुए थे। कहा तो यह भी जा रहा था कि यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा, लेकिन पुलिस ने अपराध दर्ज कर अधिकारी के उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 22 दिसंबर 2019 की रात 11 बजकर 6 मिनट में सेव फॉरेस्ट ग्रुप में वन विभाग के अधिकारी एके बंजारे ने लगातार आठ पोर्न वीडियो डाले। जिसे देख ग्रुप में हड़कंप मच गया। वहीं ग्रुप में ही अधिकारी के इस कृत्य की भत्र्सना होने लगी और लोग उसे ग्रुप में ही लताडऩे लगे।

बताया जा रहा है कि उक्त ग्रुप में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के अलावा महिलाएं, मीडिया व गणमान्य नागरिक भी मौजूद हैं। ऐसे में आरोपी के इस हरकत की सभी ने निंदा की। वहीं ग्रुप के सदस्य गोपाल अग्रवाल ने घटना के दूसरे दिन इसकी लिखित शिकायत कोतवाली थाने में की। इसके बाद पुलिस ने उक्त मामले को जांच में लिया था। जांच में मामला सही पाए जाने पर पुलिस ने 21 मार्च को उक्त वाट्सअप नंबर धारक (आरोपी अधिकारी) के खिलाफ धारा 292 के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।

दो से पांच वर्ष तक के सजा का प्रावधान
पुलिस की मानें तो इस तरह के अपराध करने वालों पर सजा का भी प्रावधान है। आरोपी के प्रथम दोषी सिद्ध होने पर दो वर्ष की सजा व दो हजार रुपए अर्थदंड तथा द्वितीय या उससे अधिक बार दोष सिद्ध होने पर पांच वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपए के अर्थदंड का प्रावधान है।

-सेव फॉरेस्ट ग्रुप में पोर्न वीडियो डालने वाले नंबर धारक तत्कालीन डीएफओ के खिलाफ अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है। एसएन सिंह, टीआई कोतवाली

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