अचानक मौसम में बदलाव फिर मूसलाधार बारिश से फसल को नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता

- अचानक मौसम बदलने के साथ बारिश हो जाने से धान कटाई पूरी तरह से प्रभावित हो गया है

By: Shiv Singh

Published: 18 Dec 2018, 03:35 PM IST

साल्हेओना. बंगाल की खाड़ी से उठे पैथाई चक्रवात के चलते सोमवार को मौसम खराब रहा और दिन भर झड़ी लगी रही। इससे सामान्य जनजीवन ठप्प रहा। वहीं मौसम में अचानक आए बदलाव से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। चक्रवाती तूफान पैथाई की वजह से बदली छाई रही जो बीती रात से रुक रुककर बूंदाबांदी होने लगी। वही सोमवार सुबह नौ बजे के आसपास झमाझम बारिश हुई जबकि दिन भर कभी तेज तो कभी हल्का बौछार पड़ता रहा। ऐसा लग रहा था कि मानों सावप महीने की झड़ी है। किंतु बे मौसम बारिश होने से किसानों के लिए नुकसान साबित हुआ।

बताया जाता है कि बरमकेला ब्लॉक के बरगांव, बिलाईगढ़ अ, साल्हेओना, दादरपाली में धान कटाई ५० प्रतिशत नहीं हो पाया है। ग्राम बिलाईगढ़ (अ) के कृषक तुलसी पटेल, रोहित पटेल, सुभाष पटेल, तिरथ साहू ने बताया कि पिछले सप्ताह से गांव में धान कटाई शुरु किया गया है। खेतों की जमीन गीली होने के वजह से हार्वेस्टर मशीन के पहिए धंसने से कटाई करने में दिक्कत हो रही थी। ऐसे में इस अंचल में धान कटाई पिछड़ा हुआ है। वहीं अचानक मौसम बदलने के साथ बारिश हो जाने से धान कटाई पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।

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पहले से जमीन गीला था अब बारिश हो जाने से किसानों को दोहरी मुसीबत बन गया है। यानि कि खेतों में खड़ी धान की फसल पर बारिश के बूंदे पडऩे से बालियों में भार बढ़ जाने से जमीन में गिर चुके है। इससे धान की कटाई करने में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। किसानों का कहना है कि इस बार धान फसल में माहो रोग के प्रकोप से परेशान थे। अब बे मौसम बारिश ने बचे खुचे धान फसल को बर्बाद कर डाला। ऐसे में किसान खड़े धान फसल की कटाई कैसे कर पाएंगे और अपनी उपज को खलिहान तक कैसे पहुंचाएंगे इसकी चिंता होने लगी है।
विद्युत व्यवस्था बाधित
विभाग की लापरवाही से क्षेत्र में रविवार रात से सोमवार दिन भर तक विद्युत आपूर्ति बंद रहा। इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जबकि विभाग का दावा है कि फाल्ट का सुधार करने की बात कही जा रही थी ।

धान करपा को होगा काफी नुकसान
मौसम के इस सिस्टम की मार उन किसानों को पड़ी है जो धान कटाई करके धान करपा को खेतों में छोड़ दिए है। साल्हेओना के कृषक बागराय पटेल का कहना है कि दो दिन पहले हाथ से धान की कटाई किए थे। चूंकि धान की बालियां कच्चा होने के वजह करपा को सूखने के लिए छोड़ दिए थे। अब अचानक बारिश होने से धान करपा को सूखने में सप्ताह भर का समय लगेगा। इस दौरान गीले धान करपा में दीमक लग सकता है। इससे धान की एक दाना भी नहीं मिल पता है। छोटे किसानों का भ_ा बैठ जा रहा है।

Shiv Singh Desk
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