रायगढ़ के 50 आंगनबाड़ी केंद्रों में लगे ताले, भोजन के अधिकार व रेडी टू ईट पर लगा ग्रहण

बर्खास्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं की नहीं हो सकी बहाली

By: Shiv Singh

Published: 24 May 2018, 06:57 PM IST

रायगढ़. जिस भोजन का अधिकर व रेडी टू ईट की सप्लाई बाधित होने का हवाला देकर जिले के 50 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका को बर्खास्त किया गया था।

वहां पिछले ढाई माह से भोजन का अधिकर व रेडी टू ईट पर ग्रहण लग गया है। पहले तो आंंदोलन के जरिए कार्यकर्ता व सहायिका ने केंद्र को बंद रखा। जब बहाली के विषय पर समझौता हुआ तो एक माह बाद भी उसपर त्वरित अमल की कवायद नहीं की गई। जिसकी वजह से यह स्थिति उत्पन्न हो गई है।

छत्तीसगढ़ आंगनबाड़ी जुझारु कार्यकर्ता व सहायिका के रायगढ़ संघ की बर्खास्तगी संबंधिति कर्मचारियों के साथ जिला प्रशासन के लिए भी परेशानी का सबब बन गया है। मामला बर्खास्तगी के बाद बाहली में फंसे पेच को लेकर है। जिसके लिए करीब एक माह का समय बीत चुका है। पर अभी भी तारीख पर तारीख ही मिल रही है।

जिसकी वजह से जिले के पुसौर क्षेत्र के 50 आंगनबाड़ी केंद्रों में करीब ढाई माह से ताला लगा हुआ है। इस ढाई माह में डेढ़ माह, कार्यकर्ता व सहायिका के आंदोलन के कारण बंद रहा। जब 21 अप्रैल को विभाग के सचिव के साथ आंनेदानकारी नेताओं की बैठक हुई तो 4 बिंदू पर सहमति बनी। जिसमें बर्खास्त कार्यकर्ता व सहायिका के बहाली का मुद्दा भी शामिल था।

कयास यह लगाए जा रहे थे कि आंदोलन खत्म होने के बाद कार्यकर्ता व सहायिका को त्वरित बहाल करने की दिशा में पहल की जाएगी। पर उनके अपील करने के एक माह बाद भी बहाली को लेकर विभागीय प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है।


बंद हैं केंद्र, ठप है व्यवस्था
जिसकी वजह से उक्त केंद्र में रेडी टू ईट के साथ भोजन के अधिकार भी ग्रहण लग गया है। ऐसे में, अब इस बात की चर्चा उठने लगी है कि जिस भोजन के अधिकार व रेडी टू ईट की बाधित सप्लाई के लिए कार्यकर्ता व सहायिका को बर्खास्त किया गया है। अब उसी विभागीय पेचिदगी की वजह से उन्हीं का पालन नहीं हो रहा है। जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।


मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर टाल दिया था बहाली
शासन स्तर पर बहाली को लेकर मिली सहमति के बाद रायगढ़ शाखा की पदाधिकारी व सदस्यों ने 24 अप्रैल को अपने बहाली के लिए आवेदन लगाया था। जिसमें मुख्यमंत्री के रायगढ़ दौरे को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों ने खुद को व्यस्त बता कर बहाली पर बाद में विचार करने की बात कही थी।

मई में मुख्यमंत्री का पहला रायगढ़ दौरा 3 मई को था। उसके समाप्त होने के बाद दूसरा दौरा 28 मई को प्रस्तावित है। पर अब तक कार्यकर्ता व सहायिका की बहाली नहीं हो सकी।

24 अप्रैल को बहाली के लिए आवेदन किया गया
बर्खास्तगी व बैठक में सहमति के बाद 24 अप्रैल को बहाली के लिए आवेदन किया गया है। पर एक माह का समय बीतने के बाद बहाली की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। जिसकी वजह से पुसौर क्षेत्र के 50 आंगनबाड़ी केंद्रों में भोजन के अधिकार व रेडी टू ईट की सप्लाई जैसे अहम कार्य पर ग्रहण लगा हुआ है।
-प्रीति देवांगन, अध्यक्ष, जुझारु संघ, रायगढ़।

Shiv Singh Desk
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