हाथी से जान बचाने झाड़ी के पीछे छुपा था ग्रामीण, फिर भी पहुंचा और पटक-पटक कर मार डाला

जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों का कहर सोमवार को जमकर बरपा। जिसमें दो ग्रामीणों की मौत हो गई।

By: Shiv Singh

Published: 22 Aug 2017, 02:00 PM IST

रायगढ़. जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों का कहर सोमवार को जमकर बरपा। जिसमें दो ग्रामीणों की मौत हो गई। पहला मामला छाल रेंज के जोगड़ा गांव का है जहां अपने खेत को देखने के लिए सोमवार की सुबह छह ग्रामीणों का दल जंगल की ओर निकला था। जिसमें एक हाथी सामने आ गया।
ऐसे में ग्रामीण भागने लगे, जब उन्हें लगा कि हाथी उन्हें पकड़ लेगा तो ग्रामीणों ने हाथी के सामने गमछा फेंक दिया, ऐसे में हाथी थोड़ी देर के लिए गमछे में उलझ गया। इसी बीच बाकि ग्रामीण भागे और राम प्रसाद राठिया पिता संतराम राठिया उम्र ३९ साल झाडिय़ों के पीछे छुप गया गया था लेकिन हाथी उसे सूंघता हुआ पहुंचा और झाडिय़ों से निकाल कर हवा में उछाल दिया और पटक-पटक कर मार डाला। विदित हो कि इस इलाके में ५९ हाथियों का दल विचरण कर रहा है।
वहीं दूसरा मामले में ग्राम बरिमा थाना कमलेश्वरपुर जिला सरगुजा निवासी अंधाराम पिता जंगलू मांझी 57 वर्ष, २१ अगस्त की अहले सुबह करील तोडऩे के लिए जंगल के रास्ते थाना कापू क्षेत्रान्तर्गत ग्राम डाहीडांड़ जंगल आया हुआ था। पुलिस को इस बात की आशंका है कि करील तोडऩ के दौरान अंधाराम के सामने अचानक हाथी आ गया होगा। जिसे भागने का मौका नहीं मिला। ऐसे में, हाथी ने अपने पैरों तले अंधाराम मांझी को कूचल कर मौत के घाट उतार दिया। जिसकी जानकारी पास के गांव के ग्रामीणों को काफी देर बाद जंगल जाने के दौरान हुई। मृतक के शरीर पर आई चोट व आसपास हाथी के पांव के निशान पाए गए हैं। जिससे मृतक की मौत, हाथी से होने की पुष्टि हुई है।

50 से 60 हाथियों का झुंड- ग्रामीणों ने बताया कि पहले मामले में रामप्रसाद की मौत के बाद वो लोग किसी प्रकार गांव भाग कर आए और ग्रामीणों को इसकी जानकारी दी। ऐसे में जब ग्रामीण रामप्रसाद का शव लाने जंगल पहुंचे तो वहां पर देखा कि आसपास लगभग 50 से 60 हाथियों का झुंड उपस्थित था।हलांकि इस घटना को एक ही हाथी ने अंजाम दिया है पर जिस वक्त हाथी हमला कर रहा था बाकि के हाथी आसपास में ही विचरण कर रहे थे। ऐसे में उनकी हिम्मत शव लाने की नहीं हुई। इसके बाद मामले की सूचना वन विभाग को दी गई, वन विभाग की टीम वहां अपने विशेष वाहन से पहुंची।

इस इलाके में 59 हाथियों का होना पाया गया है जोकि इस वन परिक्षेत्र में इधर-उधर विचरण कर रहे हैं। पूरे परिक्षेत्र के फॉरेस्ट गार्ड वनपाल को सचेत किया गया है कि ग्रामीणों को हर संभव हाथी से बचाने का प्रयास करें एवं ग्रामीणों का सहयोग करें।
सत्यव्रत दुबे, रेंजर, छाल

Shiv Singh Desk
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