यहां मरीज का इलाज करते डॉक्टर को हो गया स्वाईन फ्लू, अब पूरे अस्पताल में है दहशत

ओपीडी में एक मरीज की जांच कर रहे थे

रायगढ़. मेडिकल कालेज अस्पताल रायगढ़ में पदस्थ नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश पटेल स्वाइन फ्लू के संक्रमण का शिकार हो गए हैं। बताया जा रहा है कि वह अपनी ओपीडी में एक मरीज की जांच कर रहे थे। वह मरीज स्वाइन फ्लू के संक्रमण से ग्रसित था। जांच के दौरान मरीज को काफी खांसी आई और इसी से डॉक्टर पटेल भी स्वाइन फ्लू के संक्रमण का शिकार हो गए। इस खबर को भले ही अस्पताल प्रबंधन छिपा रहा है, लेकिन डॉक्टर को स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि के बाद से अस्पताल के सभी डॉक्टर व कर्मचारी दहशत में हैं।


जानकारी के अनुसार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इन दिनों स्वाईन फ्लू का खतरा बढ़ गया है। तीन चार दिन पहले ही मेडिकल कालेज अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की जांच करने के दौरान इएनटी विभाग के डॉक्टर दिनेश पटेल को स्वाई फ्लू का संक्रमण हो गया। इसकी पुष्टि होने के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा तत्काल स्वाईन फ्लू से बचने के लिए मास्क की व्यवस्था कराई गई है। वहीं अस्पताल के कर्मचारियों को निर्देशित किया गया है कि वगैर मास्क के मरीजों की जांच न करें, क्योंकि स्वाईन फ्लू सांस से फैलने वाली बीमारी है।

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इससे बचने के लिए सावधानी जरूरी है। वहीं इन दिनों मौसम में परिवर्तन होने के साथ ही सर्दी-खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि इस समय खांसी होने के बाद जल्दी स्वस्थ में सुधार नहीं हो रहा है। इससे मरीज को दमा और स्वाईन फ्लू होने का खतरा बढ़ रहा है। डॉक्टर भी अब मरीजों को स्वाइन फ्लू से बचने की सलाह जांच के दौरान दे रहे हैं। इससे साफ है कि स्वास्थ्य अमल भी इसे लेकर अलर्ट हो गया है।
बनाया अलग से वार्ड
मेडिकल कालेज अस्पताल में स्वाईन फ्लू के मरीजों के लिए अलग से एक वार्ड बनाया गया है। जिसमें स्वाईन फ्लू की पुष्टि होने के बाद उस मरीज को वार्ड में भर्ती कर इलाज किया जाएगा। हलांकि इस वार्ड में अभी स्वाईन फ्लू के मरीज नहीं हैं। वहीं डाक्टरों द्वारा सावधानी पूर्वक जांच किया जा रहा है।
अस्पताल में मंगाई गई वैक्सीन
सूत्रों के अनुसार मेडिकल कालेज अस्पताल प्रबंधन द्वारा स्वाईन फ्लू से बचाव के लिए वैक्सीन मंगाई गई है, लेकिन अन्य कर्मचारियों का कहना है कि यह वैक्सीन सिर्फ डाक्टरों को लगाई जा रही है। इससे अन्य कर्मचारियों में नाराजगी देखी जा रही है। उनका कहना है कि इन गंभीर बीमारी के मरीजों के साथ उन्हें हमेशा काम करना है, वहीं अगर यह बीमारी डाक्टरों को हो सकता है तो अन्य कर्मचारियों को क्यों नहीं हो सकती। ऐसे में वैक्सीन अस्पताल के सभी कर्मचारियों को लगनी चाहिए।


सर्दी-खांसी के मरीजों को अधिक खतरा
अस्पताल के डॉक्टर गणेश पटेल का कहना है कि सर्दी-खांसी के मरीजों में स्वाईन फ्लू फैलने का खतरा अधिक रहता है। सर्दी-खांसी के मरीजों को तत्काल सही डॉक्टर से जांच करानी चाहिए, ताकि स्वाईन फ्लू के लक्षण मिलने पर उसका समय पर उपचार हो सके। मरीज का सही समय पर इलाज नहीं किया गया तो इससे दूसरे लोगों में भी यह बीमारी फैलने का खतरा है।


-मैं स्वाइन फ्लू के संक्रमण से ग्रसित हो गया हूं। अभी आराम कर रहा हूं। ठीक होते ही ड्यूटी पर आ जाऊंगा।
-दिनेश पटेल, ईएनटी रोग विशेषज्ञ

Rajkumar Shah
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