माफिया का बाप बोला, जैसे मरा रेंजर वैसे तुम्हें भी मरवा देंगे, पीडि़त ने कहा हम मरे तो जिम्मेदार होगी पुलिस

- मामले की जांच करने पहुंचा मुंशी पीडि़त के खेत से बैगन तुड़वाए और चला आया

By: Vasudev Yadav

Updated: 11 Dec 2017, 01:38 PM IST

रायगढ़. विकासखंड लैलूंगा से सटे ग्राम पंचायत कुंजारा में एक गरीब कृषक परिवार विगत तीन माह से आतंक के साए में अपनी जिंदगी काटने को विवश हो गया है। पीडि़त परिवार का कहना है कि बारंबार शिकायतों के बाद भी लैलूंगा पुलिस इस मामले में गंभीरता नहीं बरत रही है। दूसरी ओर इस घटना में जो लोग आरोपी हैं उनमे से एक वन माफिया का बाप है, इसके बेटे पर पिछले साल लैलूंगा के रेंजर डीआर लदेर के नृशंस हत्या का आरोप है और वह जेल में है।

दरअसल ग्राम पंचायत कुंजारा के नवीन कुंजारा मोहल्ले में रहने वाला जनेश्वर महतो अपने ६ सदस्यीय परिवार के साथ विगत 16 वर्षों से यहां का वाशिंदा है। जो लगभग इतने ही वर्षों से वन भूमि पर काबिज होकर खेती के जरिए अपनी जीविका चलाने का काम करता है। इस वन भूमि पर कब्जे के मामले में पंचायत ने भी अपनी एनओसी दी गई है। पर अचानक तीन माह पूर्व गांव के ही दबंग लखन माली, गुनुराम उरांव व महेन्द्रो चौहान द्वारा उसकी काबिज जमीन पर गुंडागर्दी के बल पर हक जताने की कोशिश की जाने लगी।

आए दिन हथियारों के दम पर पीडि़त एवं उसके परिवार को जमीन खाली करने नहीं तो जान से जाने की धमकी दी जाने लगी। जिसकी लिखित शिकायत प्रार्थी जनेश्वर द्वारा लैलूंगा थाने में दर्ज करवाई गई और मदद की गुहार लगाई गई। पीडि़त परिवार का आरोप है कि लैलूंगा थाने में मामले की गंभीरता को नजरअंदाज कर दफा 107/16 के तहत केस दर्ज कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई और आरोपियों पर किसी भी प्रकार की कार्रवाई नही की गई। इसके कुछ ही दिनों बाद आरोपियों द्वारा पीडि़त जनेश्वर के खेतों में खुलेआम मवेशी छोड़कर इस बात का बदला लिया गया। इस कांड में पूरी धान की फसल बर्बाद हो गई। मौकाए वारदात पर मौजूद प्रार्थी के विरोध करने पर उसे हथियारों से लैस आरोपियों द्वारा दौड़ा कर मारने का प्रयास किया गया। जिसकी शिकायत पुनरू प्रार्थी द्वारा थाने में की गई।
गए थे जांच करने और बैगन लेकर आ गए
दूसरी बार की गई शिकायत के बाद फिर से पुलिस पर कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति का आरोप पीडि़त की ओर से लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि कार्यवाही के नाम पर खानापुर्ति करते हुए थाना प्रभारी द्वारा मुंशी लक्ष्मी नारायण को जांच हेतु मौके पर भेजा गया। पीडि़त का कहना है कि इस दौरान पहले से ही मौजूद आरोपियों द्वारा मुंशी के सामने ही उसे जान से मारने की धमकी दी गई। वहीं मुंशी लक्ष्मी नारायण द्वारा लाए गए सादे कागजों पर उसके दस्तखत कराए गए। जनेश्वर के अनुसार उस वक्त मुंशी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आरोपियों से कहा कि मेरे सामने ऐसा मत करो, मेरे जाने के बाद जो करना है करते रहना। इसके बाद मुंशी द्वारा आरोपियों से ही कह कर प्रार्थी के खेतों से अपने घर के लिए बैंगन तुड़वाये गए और वापस थाने आ गए।
कर दी पूरी फसल बर्बाद
इसके कुछ दिनों के बाद आरोपियों द्वारा प्रार्थी को उसके ही खेत में जाने की रोक लगा दी गई। जिससे उसकी बैगन व लहसुन की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। इस दौरान हर बार विरोध करने पर उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी जाती रही। जिसकी शिकायत हर बार प्रार्थी द्वारा लिखित रूप से थाने में की जाती रही है। पीडि़त का आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत दर्ज नहीं की है।
लूट लिया आलू की फसल
पीडि़त किसान का कहना है कि विगत ६ तारीख आरोपियों द्वारा प्रार्थी के खेतो में बोए गए आलू की फसल हथियारों के दम पर लूट लिया गया है। इस मामले में भी पुलिस ने मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया है। पुलिस की कार्यप्रणाली से त्रस्त प्रार्थी द्वारा पूर्व में ही इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, छग शासन, गृह मंत्रालय रायपुर , राजयपाल व पुलिस अधीक्षक रायगढ़ से की जा चुकी है, किन्तु आज तिथि तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही का आदेश नहीं आने की वजह से जनेश्वर और उसका परिवार पूरी तरह हताश नजर आ रहा है।

माफिया का बाप है आरोपी!
प्रार्थी की आलू की फसल लूट के बाद इस मामले की शिकायत फोन पर एसडीओपी धरमजयगढ़ से की गई थी, जो आश्वासन पर ठहरी हुई है। विदित हो कि लैलूंगा में वन विभाग के रेंजर स्वर्गीय डीआर लदेर हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त दिल कुमार, इस मामले में आरोपी गुनु राम उरांव का पुत्र है। इस बात की धौंस जमा कर प्रार्थी को रेंजर की तरह मरवा देने की धमकी दी जाती है।

दिया गया है एनओसी
प्रार्थी के द्वारा पूर्व में मामले को ग्राम पंचायत में रखा गया था। जिसपे पूर्व सरपंच एवं पंचों द्वारा सर्वसम्मति से उपरोक्त भूमि पर जनेश्वर का कब्जा माना गया है, और उसे पंचायत द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है! - माखन प्रधान, ग्रामीण

आतंकित करने का प्रयास, यह निंदनीय है
लगभग 14 वर्षों से ये परिवार वन भूमि पर काबिज होकर खेती के जरिए अपनी आजीविका चला रहा है। जिसे ग्राम पंचायत द्वारा प्रमाणित किया जा चुका है। वन विभाग की कार्यवाही अलग बात है पर यहां तो प्रार्थी को आसमाजिक तत्वों द्वारा आतंकित करने का प्रयास किया जा रहा है। जो निंदनीय है- कंठी पैकरा, सरपंच

शिकायत के बाद भी मामला दर्ज नहीं
जनेश्वर द्वारा पुरे मामले की पल पल की खबर पुलिस विभाग को देने के बावजूद थाना लैलूंगा द्वारा बरती जा रही लापरवाही से ग्रामीणों का पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ रहा है और उनमें असुरक्षा की भावना घर कर रही है। इधर अपराधियों का मनोबल बढ़ रहा है जो समाज के लिए ठीक नहीं है- सनतराम पैंकरा, पूर्व सरपंच

कभी भी हो सकता है हमला
मै और मेरा परिवार आरोपियों द्वारा विगत तीन माह से किए जा रहे उपद्रवों से बुरी तरह भयभीत है। टांगी, फरसे व तीर कमान से लैंस इन लोगों द्वारा कभी भी मेरे परिवार पर जानलेवा हमला किया जा सकता है। जिसकी पूरी जवाबदेही पुलिस प्रशासन की होगी- जनेश्वर महतो, प्रार्थी

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