सामान्य सभा में शामिल एजेंडे नहीं होते स्वीकृत तो दोबारा इनपर नहीं होती चर्चा

निगम उस एजेंडे को ठंडे बस्ते में डाल देती है

By: Shiv Singh

Published: 24 May 2018, 03:49 PM IST

रायगढ़. नगर निगम में होने वाली सामान्य सभा की बैठक जनहित के मुद्दे और शहर विकास को लेकर होता है। इसमें ऐसे एजेंडे शामिल किए जाने हैं जिससे लोगों को लाभ मिले। वहीं इन एजेंडों पर सार्थक चर्चा करते हुए उस चर्चा में लिए गए निर्णय के अनुसार इसका पालन कराना निगम अधिकारियों की जिम्मेदारी है,

लेकिन निगम के अधिकारी सामान्य सभा में एजेंडा तो शामिल कर देते हैं। यदि उक्त एजेंडे को आगामी बैठक में लाने का प्रस्ताव आता है तो निगम उस एजेंडे को ठंडे बस्ते में डाल देती है। यहीं वजह ेहै कि मौजूदा समय में कई ऐसे एजेंडे हैं जिन्हें आगामी बैठक में लाने का निर्णय लिया गया था, लेकिन वे एजेंडे मौजूदा समय में निगम की फाइलों में कैद हैं।


सामान्य सभा की बैठक अमूमन हर दो माह में किए जाने का नियम है, लेकिन निगम के द्वारा एक बैठक आयोजित किए जाने के लिए चार से पांच माह लगाया जाता है, तो कभी छह माह बाद भी सामान्य सभा की बैठक नहीं होती। वहीं जब सामान्य सभा की बैठक आयोजित कराने के लिए निगम के पार्षदों द्वारा ज्ञापन सौंपा जाता है तब कही जाकर सामान्य सभा की बैठक आयोजित की जाती है। इस तरह बड़ी मुश्किल से निगम के द्वारा सामान्य सभा की बैठक आयोजित की जाती है,

लेकिन यह बैठक तब औचित्यहीन साबित होती है जब सामान्य सभा में किसी एजेंड पर चर्चा होती है और उस चर्चा में यह निर्णय लिया जाता है कि संबंधित एजेंडे को आगामी सामान्य सभा की बैठक में शामिल किया जाए। ऐसे एजेंडे को निगम के द्वारा फिर आयोजित होने वाली सामान्य सभा में शामिल करना जरुरी नहीं मानते।


जबकि परिषद में यह स्पष्ट निर्णय रहता है कि उक्त एजेंडे को आगामी बैठक में शामिल किया जाए। इसके बाद भी एजेंडे सामान्य सभा में शामिल नहीं होते। वर्ष 2016 के 22 जनवरी को हुई सामान्य सभा के एजेंडे पर गौर करते तो इसमें के अधिकांश प्रस्ताव आगामी बैठक में शामिल किए जाने का निर्णय परिषद ने लिया था, लेकिन इन प्रस्तावों को निगम के द्वारा सामान्य सभा की बैठक में शामिल नहीं किया गया। इस बात को लेकर कांग्रेस पार्षद संजय देवांगन ने सवाल भी उठाए हैं।


बस स्टैंड को रामपुर में करना था शिफ्ट
22 जनवरी 2016 को निगम में हुई सामान्य सभा की बैठक में कई प्रस्ताव थे। इसमें 28वें नंबर के एजेंडे में केवड़ाबाड़ी बस स्टैंड को शहर के रामपुर में शिफ्ट किए जाने का प्रस्ताव लाया गया था। परिषद के एजेंडे में प्रस्ताव आने के बाद उक्त प्रस्ताव पर चर्चा हुई।

परिषद में चर्चा करते हुए उक्त प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी। वहीं इसकी कार्ययोजना बनाते हुए आगामी होने वाले सामान्य सभा की बैठक में इसे रखने का निर्देश दिया गया, लेकिन प्रस्ताव अब तक नहीं रखे गए।


जांच के लिए भी बनाई सिर्फ टीम
वहीं इस दिन हुई सामान्य सभा की बैठक में और भी कई प्रस्ताव थे। इसमेंं तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए निरीक्षण के लिए टीम बनाई गई थी। इस टीम को निर्देश दिया गया था कि वे तालाबों का निरीक्षण करते हुए आगामी परिषद की बैठक में अपना प्रतिवेदन देंगे, जिसके आधार पर तालाबों को संवारने के लिए प्रस्ताव बनाया जाएगा, लेकिन उनका निरीक्षण प्रतिवेदन नहीं आया। खास बात यह है कि टीम का प्रतिवेदन नहीं आने की बात भी परिषद में नहीं रखी गई।


घोटाले के मामले का भी करना था जांच
वर्ष 2015 में नगर निगम में एक के बाद एक घोटाले सामने आए थे। इसमें कंटेनर घोटाला प्रमुख था। ऐसे में इन घोटालों की जांच के लिए भी 22 जनवरी 2016 की सामान्य सभा में प्रस्ताव रखा था।

वहीं परिषद ने यह निर्णय लिया कि कंटेनर घोटाले को लेकर भौतिक सत्यापन किया जाना है। इसके लिए टीम बनाई गई। वहीं इस टीम को भी निर्देश दिया गया था कि वे आगामी सामान्य सभा में अपनी रिपोर्ट देंगे, लेकिन यह प्रस्ताव दोबारा नहीं आया।

Shiv Singh Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned