स्मार्ट कार्ड शिविर का ये हाल पहले दिन लटका रहा ताला, दूसरे दिन गुम गई चाबी

Shiv Singh

Publish: May, 18 2018 11:06:17 AM (IST)

Raigarh, Chhattisgarh, India
स्मार्ट कार्ड शिविर का ये हाल पहले दिन लटका रहा ताला, दूसरे दिन गुम गई चाबी

हितग्राही भूखे-प्यासे ताला खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर तक ताला नहीं खुला। वे बिना किसी से इस बात की शिकायत किए लौट गए।

रायगढ़. स्मार्ट कार्ड बनाए जाने की घोषणा तो कर दी गई, लेकिन विभाग इसके लिए पूरा तैयार नहीं हो सका है। इसकी वजह से हितग्राहियों परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्मार्ट कार्ड बनाने के लिए जतन केंद्र को भी एक शिविर बनाया गया है, लेकिन पहले दिन यहां ताला लटका रहा तो दूसरे दिन इस केंद्र की चाबी गुम गई। इससे कई हितग्राहियों को बैरंग लौटना पड़ा। हालांकि इस बात की शिकायत जब हितग्राहियों ने की तब केंद्र का ताला खोला गया और कुछ हितग्राहियों के स्मार्ट कार्र्ड बन सके।

जिन हितग्राहियों के पास स्मार्ट कार्ड नहीं है उनके द्वारा सुराज अभियान सहित अन्य समय में आवेदन किया गया, ताकि उनका स्मार्ट कार्ड बनाया जा सके। इन हितग्राहियों के आवेदनों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा स्मार्ट कार्ड बनवाए जाने के लिए केंद्र निर्धारित किया गया है। इस केंद्र की जानकारी मिलने के बाद बीते बुधवार को खरसिया विकास खंड क्षेत्र के तिऊर गांव से करीब एक सौ लोग स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए पहुंचे थे, लेकिन जतन केंद्र में ताला लटका हुआ था।

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खास बात यह है कि हितग्राही स्वास्थ्य विभाग ने स्मार्ट कार्ड बनाए जाने का सुबह साढ़े १० बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक का समय निर्धारित किया है। ऐसे में हितग्राही सुबह १० बजे ही जतन केंद्र पहुंच गए थे, लेकिन संबंधित केंद्र में ताला लटका हुआ था। ताला लटका देख हितग्राही यह सोचते हुए विचलित नहीं हुए कि अभी कुछ समय शेष है, लेकिन ११ बजे तक ताला नहीं खुला।

इसके बाद भी हितग्राही भूखे-प्यासे ताला खुलने का इंतजार करते रहे, लेकिन दोपहर करीब एक बजे तक ताला नहीं खुला। इससे उनकी सब्र की सीमा समाप्त हुई और वे बिना किसी से इस बात की शिकायत किए लौट गए। दूसरे दिन गुरुवार को फिर इसी उम्मीद से जतन केंद्र पहुंचे कि उनका स्मार्ट का बन जाएगा।

हितग्राही दूसरे दिन भी सुबह करीब १० बजे उक्त केंद्र पहुंच गए थे, लेकिन दूसरे दिन भी केंद्र का ताला नहीं खुला था। ऐसे में हितग्राही करीब एक घंटा इंतजार करने के बाद इस बात की शिकायत मीडिया के लोगों से की। मीडिया के द्वारा इस बात की जानकारी विभाग को अधिकारियों को दी गई। इसके बाद संबंधित प्रभारी दौड़ते भागते केंद्र तक तो पहुंच गए, लेकिन केंद्र में लटके हुए ताले की चाबी उनके द्वारा गुमा दी गई थी। इससे ताला नहीं खुल सका।

नाराजगी के बाद हितग्राही बैरंग लौटे
केंद्र प्रभारी के मौके पर पहुंचने के बाद जब इस बात की जानकारी हितग्राहियों को मिली कि केंद्र की चाबी गुम गई है तो उनका गुस्सा फूटने लगा। वहीं केंद्र प्रभारी पर कई हितग्राहियों ने नाराजगी जाहिर की। हालांकि इसके बाद भी जब केंद्र नहीं खुला तो आधे से ज्यादा हितग्राही बिना स्मार्ट कार्ड बनवाए ही मौके से लौट गए। इधर करीब दोपहर १२ बजे के बाद केंद्र का ताला तोड़ते हुए खोला गया और स्मार्ट कार्ड बनाए जाने का काम शुरू हुआ।

खुद के किराए में लेकर आए थे वाहन
जिला मुख्यालय से खरसिया काफी दूर है। ऐसे में खरसिया के तिऊर में रहने वाले हितग्राही धूप और परेशानी से बचने के लिए दोनों दिन वाहन किराए में लेकर आए थे, ताकि वे सही समय पर केंद्र पहुंच जाए और उनका स्मार्ट कार्ड समय रहते बन गए। इसके बाद भी हितग्राहियों का स्मार्ट कार्ड नहीं बन सके। इसके अलावा हितग्राहियों की राशि भी खर्च हुई।

अधिकारियों को कोसते नजर आए हितग्राही
उक्त केंद्र पर खरसिया के तिऊर गांव के अलावा शहरी क्षेत्र के हितग्राही भी स्मार्ट कार्ड बनवाने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान रामभांठा क्षेत्र के त्राहिकर देहरी का कहना था कि यदि स्मार्ट कार्ड बनाने की तैयारी नहीं थी तो इसकी जानकारी भी हितग्राहियों को नहीं देना था। इसी तरह बाझिनपाली निवासी राम उग्र का कहना था कि पिछले दो दिन से वे स्मार्ट कार्ड बनवाने पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही मिल रही है।

केंद्र को शिफ्ट किया गया था। इसकी वजह से पहले दिन परेशानी हुई। दूसरे दिन केंद्र की चाबी गुमने की बात सामने आई। हालांकि संबंधित केंद्र में स्मार्ट कार्ड बनाना शुरू कर दिया गया है। पहले दिन करीब ७० हितग्राहियों का कार्ड बनाया गया- डॉ. एके दीवान, स्मार्ड कार्ड प्रभारी

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