आरोपियों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज होना तो दूर, मामले में जांच तक शुरू नहीं हो सकी, पढि़ए खबर...

Vasudev Yadav

Publish: Feb, 15 2018 12:10:26 PM (IST) | Updated: Feb, 15 2018 12:12:52 PM (IST)

Raigarh, Chhattisgarh, India
आरोपियों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज होना तो दूर, मामले में जांच तक शुरू नहीं हो सकी, पढि़ए खबर...

ये आदेश रसूखदारों और पहुंचवालों के खिलाफ है लिहाजा कार्रवाई भी मुंह देखकर की जा रही है।

रायगढ़. शहर के युवक जय चौहान के आत्मदाह और उसकी मौत के बाद प्रशासन पर कई सवाल उठने शुरू हो गए हैं। खासकर फैसलों को लागू करवाने में कितनी गंभीरता या उदासीनता दिखाई जा रही है ये चर्चा आम हो गई है। आज हम बात करेंगे कोटवारी जमीन की छलपूर्वक खरीदी करने के मामले में राजस्व मंडल बिलासपुर से दिए गए आदेश के संबंध में आखिर इसे आज तक क्यों लागू नहीं करवाया जा सका है इसका जवाब प्रशासन नहीं दे पा रहा है।

इस मामले में मंडल ने जिले के 34 प्रकरण में आदेश किया है। ये आदेश रसूखदारों और पहुंचवालों के खिलाफ है लिहाजा कार्रवाई भी मुंह देखकर की जा रही है। फरवरी 2016 को हुए इस आदेश के बाद ये प्रकरण तहसील कार्यालय और थानों के बीच झूल रहा है। आरोपियों के खिलाफ अपराधिक प्रकरण दर्ज होना तो दूर इस मामले में जांच तक शुरू नहीं हो सकी है। जबकि गौर किया जाए तो मंडल के आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि कार्रवाई कर अवगत कराएं। फरवरी 2016 में राजस्व मंडल ने जिले के ऐसे 34 प्रकरणों में जांच कराते हुए अपराधिक प्रकरण दर्ज कराने का आदेश दिया है।

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जिसके बाद तात्कालीन तहसीलदार अतुल सेठे ने चक्रधर नगर थाना को राजस्व मंडल के आदेश को भेजते हुए जांच कर अपराधिक प्रकरण दर्ज करने पत्र लिखा। फरवरी 2016 के अंतिम सप्ताह में थाने को सौंपे गए प्रकरण के बाद करीब छ माह तक यह प्रकरण कभी चक्रधर नगर थाना तो कभी तहसील कार्यालय में भटकता रहा। अंत में राजस्व विभाग के अधिकारियों और पुलिस ने इस मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। अब तक इस मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई। आश्चर्य की बात तो यह है कि राजस्व मंडल के आदेश का पालन राजस्व विभाग के अधिकारी ही नहीं करा पा रहे हैं। वर्तमान में उक्त प्रकरण किसके पास है किसी को पता नहीं। तहसीलदार कार्यालय में कहा जाता है कि थाने में है थाने में कहा जाता है कि वापस तहसील को भेज दिया गया है। अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन इस मामले में आखिर तेजी क्यों नहीं दिखा रहा है।

क्या पाया था मंडल ने
राजस्व मंडल ने पूर्व में कोटवारी जमीन एवं शासकीय पट्टे पर प्राप्त भूमि की खरीद बिक्री के खेल को संज्ञान में लेते हुए सुनवाई की थी, अब तक इसप्रकार के करीब 35 प्रकरणों पर सुनवाई के दौरान पाया है कि आवेदकों द्धारा छल-कपट पूर्वक विक्रय की अनुमति प्राप्त कर खरीद बिक्री की गई है।

-मंडल के आदेश आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई के लिए पुलिस को प्रकरण दे दिया गया है- प्रकाश सर्वे, एसडीएम, रायगढ़

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