ये सूचना मिलते ही टीम के साथ पहुंची पुलिस, नाबालिग से पूछताछ के दौरान पहुंचे माता-पिता तो दी समझाइश...

ये सूचना मिलते ही टीम के साथ पहुंची पुलिस, नाबालिग से पूछताछ के दौरान पहुंचे माता-पिता तो दी समझाइश...

Vasudev Yadav | Publish: Jul, 23 2019 07:58:42 PM (IST) Raigarh, Raigarh, Chhattisgarh, India

Child Marriage : पुलिस को सूचना मिलते ही नाबालिग के घर पुलिस टीम पहुंची। घर में नाबालिग अकेली थी, माता-पिता कहीं बाहर गए थे। नाबालिग से बातचीत के दौरान पहुंचे माता-पिता तो पुलिस ने दी ये समझाइश...

रायगढ़. सोमवार को धरमजयगढ़ के महिला बाल विकास विभाग की टीम को सूचना मिली कि धरमजयगढ़ वार्ड क्रमांक-6 मुस्लिम मोहल्ला में एक नाबालिग लड़की का निकाह (Child Marriage) होने जा रहा है। सूचना मिलते ही महिला बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी ऐंजला कुजूर, सुपरवाइजर, बाबू व आधा दर्जन से अधिक टीम के सदस्य नाबालिग के घर पहुंचे। जहां टीम को घर में सिर्फ नाबालिग ही मिली। उसके माता-पिता कहीं बाहर गए थे। तब टीम ने नाबालिग को बाल विवाह अधिनियम के बारे में जानकारी देते हुए बाल विवाह नहीं करने की समझाइश दी। टीम के नाबालिग के घर पहुंचने की जानकारी मिलने पर मुस्लिम समुदाय के लोग भी मौके पर पहुंचे और टीम का समर्थन करते हुए नाबालिग को समझाने लगे। इसके बाद टीम वापस लौट आई।

मंगलवार की सुबह एक बार फिर से टीम नाबालिग के घर पहुंची, जहां टीम को नाबालिग के माता-पिता मिले। इसके बाद मौके पर मुस्लिम समुदाय के अध्यक्ष, महिला-पुरूष व नगर पंचायत उपाध्यक्ष भी पहुंच गए और सभी मिलकर नाबालिग के माता-पिता को समझाइश दिए। नाबालिग के माता-पिता ने टीम को बताया कि 24 जुलाई को नाबालिग की सगाई बेमेतरा के एक मुस्लिम युवक के साथ होने वाली थी, लेकिन अब हम नाबालिग के 18 साल पूर्ण होने के बाद ही उसकी सगाई और निकाह करेंगे। जब टीम पूरी तरह से संतुष्ट हो गई कि नाबालिग के परिजन मान गए तो टीम वापस लौट गई।
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रखी जा रही है नजर
इस संबंध में जिला बाल संरक्षण अधिकारी दीपक डनसेना का कहना है कि भले ही नाबालिग के परिजन मान गए हों, लेकिन महिला बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण इकाई व चाइल्ड लाइन का काम ही है, ऐसे अपराधों को रोकना। इसलिए धरमजयगढ़ की टीम द्वारा लगातार नजर रखी जा रही है।

कई मामले आ चुके हैं सामने
ज्ञात हो कि कई बार चाइल्ड लाइन, महिला बाल विकास विभाग, जिला बाल सरंक्षण इकाई द्वारा मौके पर पहुंच कर बाल विवाह रुकवा दिया जाता है। वहीं वर-वधु के परिजनों को बाल विवाह (Child Marriage) अधिनियम की जानकारी देकर उन्हें अपराध और सजा के बारे में बताया जाता है, लेकिन टीम के लौटने के कुछ दिन बाद कुछ लोगों द्वारा कानून का उल्लंघन करते हुए बाल विवाह करा दिया जाता है।

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- धरमजयगढ़ के वार्ड क्रमांक-6 मुस्लिम मोहल्ला में बाल विवाह की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम मौके पर गई तो पता चला कि यहां कोई शादी नहीं हो रही है। 24 जुलाई को यहां की एक नाबालिग लड़की की सगाई (Child Marriage) होने वाली है। इसके बाद टीम ने नाबालिग के परिजनों को समझाइश दी तो वे मान गए हैं। हालांकि टीम द्वारा उन पर नजर रखी जा रही है- ऐंजला कुजूर, परियोजना अधिकारी, महिला बाल विकास विभाग

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