नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, कंपनी के दरवाजे पर लगा ताला

पुलिस की माने तो कंपनी के अधिकारी के मोबाइल के आधार पर उसकी पतासाजी की जा रही है। मामले की जांच के उपरांत अपराध दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

By: कंचन ज्वाला

Published: 16 Sep 2015, 10:03 PM IST

रायगढ़. नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों से ठगी का मामला सामने आया है। हालांकि ठगी की यह रकम कितनी है, अभी इस बात का खुलासा नहीं हो पाया है। बेरोजगारों की शिकायत पर कोतरारोड स्थित कंपनी के खिलाफ कोतवाली पुलिस मामले की जांच कर रही है।

महानगरों में नौकरी दिलाने पर एक कंपनी द्वारा फर्जीवाड़ा करने की शिकायत कोतवाली पुलिस से की गई है। मिली जानकारी के अनुसार मामला कोतरारोड स्थित सोनी भवन से जुड़ा हुआ है। जहां वैलुडी नामक एक कंसलटेंसी कंपनी खुली थी। जो बेरोजगारों को देश-विदेशी कंपनियों में नौकरी दिलाने का दावा करती थी। कंपनी के व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार को लेकर बेराजगार युवकों की भीड़ वहां लगने लगी। वहीं प्रति आवेदन प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में 5 हजार रुपए लिया गया था। पर 4 दिन पहले अचानक कंपनी के गेट पर ताला लग गया। इससे युवकों को लगा कि कंपनी की छुट्टी होगी।

पर दूसरे दिन भी कुछ ऐसी ही स्थिति पाई गई। इससे युवकों ने कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी को फोन किया तो उनका नंबर बंद आया। इससे प्रोसेसिंग शुल्क दे चुके युवकों को खुद के ठगे जाने का एहसास हुआ। ऐसे में, बुधवार को उनके द्वारा कोतवाली में इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई गई। हालंाकि नौकरी के नाम पर ठगी की यह रकम कितनी है। फिलहाल इस बात का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस की माने तो कंपनी के अधिकारी के मोबाइल के आधार पर उसकी पतासाजी की जा रही है। मामले की जांच के उपरांत अपराध दर्ज कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

एमबीए के छात्रा भी शिकार
वैलुडी नामक कंपनी के झांसे में 10वीं, 12वीं के अलावा एमबीए के आवेदक भी आए हैं। जो प्रोसेसिंग शुल्क जमा करने के बाद खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। खास बात तो यह है कि कंपनी के अधिकारी ने स्टॉफ के अभाव की बात कह एमबीए के छात्रों से बतौर कर्मचारी कंपनी में काम भी करवाता था। पर अचानक कंपनी के बंद होने व अधिकारी के फरार होने से फर्जीवाड़े की बात कही जा रही है।

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कंचन ज्वाला
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