खुश खबर : अब इस फाटक से शहरवासियोंं को नहीं होगी परेशानी, प्रशासन ने कर ली है ये तैयारी, पढि़ए खबर...

133.92 करोड़ रुपए का स्टीमेट तैयार हो गया है वहीं जिला प्रशासन ने फाटक बंद करने को लेकर अपनी एनओसी भी दे दी है।

By: Shiv Singh

Published: 24 Jul 2018, 11:53 AM IST

रायगढ़. जल्द ही शहरवासियों को हर दस मिनट में १५ से २० मिनट बंद होने वाले चक्रधरनगर रेलवे फाटक से मुक्ति मिल जाएगी। क्योंकि चक्रधर नगर रेलवे क्रासिंग पर आरओबी के लिए जहंा १३३.९२ करोड़ रुपए का स्टीमेट तैयार हो गया है वहीं जिला प्रशासन ने फाटक बंद करने को लेकर अपनी एनओसी भी दे दी है।

ज्ञात हो कि चक्रघर नगर रेलवे क्रासिंग के दूसरे छोर में अधिकांश शासकीय कार्यालय संचालित है वहीं उस छोर में सरकारी कालोनियां सहित काफी बड़ी आबादी निवासरत है। शहर के अंदर से उस छोर जाने व उस छोर से इधर आने के लिए रहने को तो तीन मार्ग हैं, लेकिन शनि मंदिर मार्ग में जहां जाम की समस्या है वहीं चक्रपथ मार्ग में केलो डेम और कयाघाट के समीप एनिकट बनने के बाद अधिकांश समय जल भराव से आवागमन बंद हो जाता है।

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इसके कारण एकमात्र मार्ग चक्रधर नगर रेलवे क्रासिंग बचता है। लेकिन इस रेलवे लाइन में काफी अधिक संख्या में ट्रेनों का परिचालन होने से हर १० मिनट में क्रासिंग बंद हो जाता है। जिसके कारण यहां भी जाम की स्थिति बन जाती है। गर्मी के दिनों में यहां लोगों को पसीने से लथपथ होकर क्रासिंग खुलने का इंतजार करना पड़ता है। तो बारिश में भींगते हुए फाटक के खुलने का इंतजार व दोनो ओर लंबा जाम लग जाता है।

लंबे समय से इसकी उठ रही थी मांग
रेलवे क्रासिंग की इस समस्या को लेकर काफी लंबे समय से आरओबी की मांग उठ रही है। कुछ कदम तक बात तो चली, सर्वे हो गया पर कुछ लोगों को लाभ देने के ख्याल से इस आरओबी के प्रस्ताव को यह कहकर निरस्त करवा दिया गया कि इसकी यहां जरूरत नहीं है। बकायदा इसके लिए संबंधित विभाग को पत्र भी लिख दिया गया था। वो तो भला हो चौथी रेललाइन का जिसने एक बार फिर से इस आरओबी को न सिर्फ शामिल किया बल्कि इसके त्वतरित निर्माण के लिए दबाव भी बनाया है। ऐसे में अब गति बढऩे लगी है, हलंािक अभी इंतजार शेष है।

हर बार उपेक्षित रखा जा रहा था इसे
विदित हो कि शहर के जनप्रतिनिधियों की ओर से इस फाटक पर आरओबी की मांग को लगभग उपेक्षित ही कर दिया गया था। सीएम के रायगढ़ प्रोग्राम में जब तीन प्रमुख मांग हजारों लोगों के सामने रखी गई थी उस दौरान कोतरा रोड ब्रिज का नाम तो लिया गया पर चक्रधर नगर फाटक पर आरओबी को दरकिनार कर दिया गया था। जबकि यहां प्रतिदिन हजारों लोग प्रभावित होते हैं। यदि उनकी परेशानी देखनी है तो बारिश के समय जब चक्रपथ डूबता है और लोग यहां लंबे जाम में फंसते हैं, या फिर गर्मी के समय जब पारा ४५ डिग्री पर होता है और लोग फाटक खुलने का इंतजार करते हैं तब देखी जा सकती है। पर इसे चंद लोगों के लिए कोई महसूस नहीं कर रहा था।

डिजाइन में परिवर्तन
पहले उक्त आरओबी के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव में सीधे लिया जा रहा था जिसके कारण काफी अधिक बसाहट क्षेत्र प्रभावित हो रही थी। बाद में रेलवे और सेतु निगम के अधिकारियों ने सर्वे कर नया डिजाइन तैयार किया है जिसके अनुसार अब सरला विला के समीप से वन विभाग के आगे तक आरओबी का डिजाइन तैयार किया गया है।

-चक्रधर नगर रेलवे क्रासिंग पर बनने वाले आरओबी को बजट २०१७-१८ में शामिल किया गया है। वहीं इसके लिए १३३.९२ करोड़ रुपए का स्टीमेट शासन को भेजा गया है- एसके तिवारी, ईई सेतु निगम

Shiv Singh Desk
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