बिजली कनेक्शन देने विभाग ताबड़-तोड़ शिविर कर रहा आयोजित, लेकिन ये चार ब्लॉक में चाहकर भी नहीं ले पा रहा आवेदन, पढि़ए खबर...

विभाग को इसके लिए सितंबर 2018 तक का समय दिया गया है। हलांकि यह भी कहा जा रहा है कि जैसे-जैसे बिजली पहुुंचती जाएगी कनेक्शन का वितरण आरंभ होता जाएगा ।

By: Vasudev Yadav

Published: 11 Dec 2017, 12:22 PM IST

रायगढ़. जिले में सौभाग्य योजना जोर-शोर से चल रही है। जिनके यहां बिजली नहीं है वो केवल आवेदन भर दे रहे हैं और तीन दिन के अंदर विभाग उनके घरों को रोशन कर दे रहा है। सौभाग्य योजना के तहत कनेक्शन देने के लिए बिजली विभाग के अधिकारी ताबड़-तोड़ शिविर आयोजित कर रहे हैं। लेकिन परेशानी इन चार ब्लाक में आ रही है जहां 9514 लोगों का आवेदन बिजली विभाग चाहकर भी नहीं ले जा रहा है।
अधीक्षण यंत्री सीएस सिंह ने बताया कि जिले के चार ब्लाक धरमजयगढ़, लैलूंगा, तमनार और घरघोड़ा में लगभग 9514 ऐसे कनेक्शन हैं जिसका आवेदन अभी नहीं लिया जा सकता है। इसका कारण यह है कि इन जगहों पर बिजली अभी पहुंच नहीं सकी है जबकि वर्तमान में जो आवेदन लिया जा रहा है उसे एक एप में इंटर किया जाता है, इस एप में इंटर होने के बाद हर हाल में आवेदक उपभोक्ता को तीन दिन के अंदर बिजली का कनेक्शन देना होता है।

सिंह ने बताया कि इन जगहों पर बिजली पहुंचाने की कवायद आरंभ हो चुकी है। इसका टेंडर हो चुका है और जैसे ही यहां पर बिजली पहुंचेगी वहां पर सौभाग्य योजना के तहत आवेदन लिया जाएगा और बिजली का कनेक्शन दिया जाएगा।

20422 घरों में पहुंचानी है बिजली
सौभाग्य योजना के तहत जिले के 20422 घरों में बिजली पहुंंचानी है। ऐसे में 10844 घर ऐसे हैं जहां पर केवल कनेक्शन देने की देर है। यानि उन जगहों पर बिजली पहुंच चुकी है केवल तार और मीटर लगाकर उपभोक्ता के घर में बिजली चालू करनी है। बकायदा शिविर लगाकर धड़ा-धड़ कनेक्शन बांटे भी जा रहे हैं। यदि पूरे प्रदेश में डेटी अपडेट की बात करें तो रायगढ़ इस योजना के तहत बिजली का कनेक्शन बांटने में फिलहाल नंबर वन पर भी है। लेकिन बाकि जो बच जा रहे हैं उनके लिए पहले बिजली वहां तक पहुंचाई जाएगी इसके बाद उनके घरों में रोशनी होगी।

लैलूंगा में सबसे ज्यादा
विभाग के पास से उपलब्ध आंकड़े की बात करें तो लैलूंगा वो इलाका है जहां पर ऐसे घरों की संख्या सबसे ज्यादा है जहां बिजली का कनेक्शन देना अभी संभव नहीं है। जबकि दूसरे नंबर पर तमनार का नाम आता है। बताया जा रहा है कि लैलूंगा की भौगोलिक स्थिति के कारण वहां आज भी कई गांवों में बिजली नहीं पहुंच सकी है। ऐसे में अब यह प्रयास किया जा रहा है कि हर हाल में यहां बिजली पहुंच जाए।

8.66 करोड़ के प्रोजेक्ट को मिली स्वीकृति
विभाग के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार नॉन इलेक्ट्रिफाइड इलाकों में बिजली पहुंचाने के लिए 8.66 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है। इसके लिए बकायदा टेंडर कॉल किया जा चुका है। कार्य भी आरंभ होने वाला है। विभाग को इसके लिए सितंबर 2018 तक का समय दिया गया है। हलांकि यह भी कहा जा रहा है कि जैसे-जैसे बिजली पहुुंचती जाएगी कनेक्शन का वितरण आरंभ होता जाएगा, लेकिन यह कहा जा सकता है कि सौभाग्य योजना का लाभ लेने के लिए कई लोगों को अभी सितंबर तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

-जहां बिजली नहीं पहुंची है वहां पर बिजली पहुंचाने का कार्य आरंभ हो गया है। हमें सितंबर तक का समय मिला है, हम तय समय में यहां के लोगों के घरों में रोशनी पहुंचा देंगे। इसके लिए कार्य युद्धस्तर पर जारी है- सीएस सिंह, अधीक्षण यंत्री, रायगढ़

Vasudev Yadav
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