शर्मनाक! यहां गर्भवती माताओं व शिशुओं के भोजन से हो रही प्रोटीन की चोरी

शर्मनाक! यहां गर्भवती माताओं व शिशुओं के भोजन से हो रही प्रोटीन की चोरी

Shiv Singh | Publish: Sep, 03 2018 02:25:25 PM (IST) Raigarh, Chhattisgarh, India

उसीके सैंपल रायपुर के लैब में फेल हो गए

रायगढ़. आंगनबाड़ी केंद्रों में सप्लाई किए जाने वाले जिस रेडी-टू-ईट के सहारे नौनीहाल व गर्भवती महिलाओं को कुपोषण से बचाने का दंभ भरा जाता है। उसीके सैंपल रायपुर के लैब में फेल हो गए हैं। महिला बाल विकास विभाग द्वारा जिले के 101 समूह संचालकों में 26 के सैंपल को फेल होने की पुष्टि की है।

जिसके मानक के अनुरूप तय मात्रा में प्रोटीन नहीं पाए जाने पर मुहर लगाई गई है। जिसे सुन कर विभाग की परेशानियां बढ़ गई। जिसके बाद संबंधित समूह संचालकों को नोटिस देकर 10 सितंबर तक लिखित में जवाब मांगा गया है। उसके बाद उचित कार्रवाई करने की बात कही जा रही है।


जिले के आंगनबाड़ी केंद्र का सफल संचालन, महिला बाल विकास विभाग के लिए परेशानी का सबब बन गया है। कभी समय से केंद्र नहीं खुल रहे है तो कभी मेन्यू के हिसाब से बच्चों को भोजन नहीं परोसा जा रहा है। अभी यह शिकायतें सामने आई हीं थी कि रायपुर लैब की एक रिपोर्ट ने विभाग को बेचैनी बढ़ा दी है।

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एक-दो नहीं बल्कि 26 रेडी-टू-ईट समूहों को सैंपल जांच में फे ल पाया गया है। जानकारों की माने तो जुलाई माह में जिले के विभिन्न रेडी-टू-ईट समूहों के सैंपल को नियमित जांच के लिए रायपुर भेजा गया था। जिसमें इस बात का खुलासा हुआ है कि रेडी-टू-ईट में प्रोटीन की जो मात्रा होनी चाहिए।

वो उक्त सैंपल में मौजूद नहीं है। जिससे एक बार फिर यह साबित हुआ कि आंगनबाड़ी केंद्र के जरिए सप्लाई किए जाने वाले रेडी-टू-ईट में प्रोटीन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जो प्रत्यक्ष रुप से केंद्र में पढऩे वाले बच्चों के साथ गर्भवती महिला हितग्राहियों को प्रभावित करता है। क्योकि हर माह उसी रेडी-टू-ईट की सप्लाई की जाती है।


महंगाई का हवाला
जिले के 26 समूहों के सैंपल जांच में फेल होने पर सूमह संचालक, खुल कर सामने आने से परहेज कर रहे हैं। पर दबी जुंबा से यह जरुर कह रहे है कि शासन की ओर से जो उन्हें राशन की दरें तय की गई है। वो वर्तमान महंगाई के अनुसार काफी कम है। ऐसी परिस्थिति में शत-प्रतिशत गुणवत्ता किसी चुनौती से कम नहीं है। सूत्रों की माने तो इसमें कमिशन का खेल भी बखूबी चलता है। ऐसे में इसका खामियाजा लाभुकों को भुगतना पड़ता है।


सारंगढ़-बरमकेला क्षेत्र के हैं समूह
जिले के 101 समूह में 26 के सैंपल फेल होने के मामले को विभागीय अधिकारी भी गंभीर मान रहे हैं। उनकी माने तो सबसे अधिक लापरवाही, सारंगढ़ व बरमकेला क्षेत्र के समूहों की सामने आई है। यहीं वजह है कि संबंधित समूह संचालकों को विभागीय नोटिस देकर 10 सितंबर तक उनका जवाब मांगा गया है।

जिसके बाद कार्रवाई की दशा व दिशा, तय की जाएगी। हलांकि जानकार यह भी बताते है कि रेडी टू ईट में सैंपल फेल होने व नोटिस देने का यह कवायद इससे पहले भी की जा चुकी है। पर एक-दो माह तब सब कुछ ठीक ठाक होने के बाद फिर से समूह संचालकों की मनमानी शुरू हो जाती है।

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