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डोंगीतराई सरपंच का फर्जी हस्ताक्षर कर सचिव ने दो सौ हितग्राहियों का नाम पीएम आवास योजना से काटा, सचिव ने शपथ पत्र देकर किया स्वीकार

पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि शिकायत में जांच के बाद जब गड़बड़ी सामने आई तो सचिव खुद सामने आकर स्वीकार कर रहा है कि दस्तखत फर्जी है
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रायगढ़

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Shiv Singh

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Updated: 10 Jun 2018, 6:56 PM IST

डोंगीतराई सरपंच का फर्जी हस्ताक्षर कर सचिव ने दो सौ हितग्राहियों का नाम पीएम आवास योजना से काटा, सचिव ने शपथ पत्र देकर किया स्वीकार

डोंगीतराई सरपंच का फर्जी हस्ताक्षर कर सचिव ने दो सौ हितग्राहियों का नाम पीएम आवास योजना से काटा, सचिव ने शपथ पत्र देकर किया स्वीकार

रायगढ़. डोंगीतराई और हल्दीाझरिया में सरपंच सचिव द्वारा मिलकर दो सौ से अधिक पात्र हितग्राहियों का नाम पीएम आवास योजना की सूची से काट दिया। इस मामले में जांच शुरू होने के बाद नया मोड़ सामने आया है। सचिव ने खुद ही जिला पंचायत सीईओ को शपथ पत्र देकर स्वीकार किया है कि उक्त हितग्राहियो ंके नाम काटने संबंधी प्रस्ताव में सरपंच का फर्जी दस्तखत किया है। सचिव के इस शपथ पत्र के बाद जिला पंचायत सीईओ चंदन त्रिपाठी ने सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

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इस मामले में जांच में सामने आए तथ्य को देखने के बाद सरपंच ने जहां दस्तखत किए जाने की बात से इंकार कर दिया था वहीं इस मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने हो गए थे। इसके बाद सचिव ने शपथ पत्र देकर इस बात को स्वीकार किया है कि सरपंच का फर्जी दस्तखत उसके द्वारा किया गया है।

पहली बार ऐसा देखने को मिल रहा है कि किसी मामले की शिकायत में जांच के बाद जब गड़बड़ी सामने आई तो सचिव खुद सामने आकर स्वीकार कर रहा है कि सरपंच के दस्तखत फर्जी है नहीं तो अधिकांश मामले में तो गड़बड़ी सामने आने के सचिव नोटिस तक का जवाब देने से कतराते हैं। हांलाकि इस मामले में जिला पंचायत अब सचिव के जवाब का इंतजार कर रही है।

इसके पीछे क्या है कारण
जब सरपंच को इस बात की जानकारी मिली कि सचिव के द्वारा उसका फर्जी दस्तखत किया गया है तो उसने न तो सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया न ही जिला पंचायत में इसकी शिकायत की। सिर्फ यह सफाई देता रहा कि दस्तखत उसका नहीं है। कुल मिलाकर देखा जाए तो इस मामले में अभी तक सरपंच व सचिव एक दूसरे को बचाने के प्रयास में जुटे हुए नजर आ रहे हैं।

क्या मिला था जांच में
डोंगीतराई में जांच टीम ने 150 हितग्राहियों का बयान लेकर उनके आवास का सत्यापन किया तो पता चला कि 120 हितग्राहियों का कच्चा मकान है वहीं 30 हितग्राहियों का पक्का मकान है। जबकि हल्दीझरिया में भी उक्त टीम ने १०१ हितग्राहियों के आवासों का सत्यापन किया है जिसमें । बताया जा रहा है कि यहां भी 80 फिसदी से अधिक हितग्राहियों के आवास कच्चे पाए गए हैं।

टूट गया लोगों का भरोसा
उक्त ग्राम पंचायत के सरपंच घनश्याम पटेल के उपर गांव के लोगों ने आंख बंद कर भरोसा किया था जिसके कारण चुनाव में उसे निर्विरोध चुना गया था, लेकिन इस योजना से गरीब वर्ग के लोगों को वंचित करने के इस प्रयास से लोगों का भरोसा टूटा है, और इससे बचने कई तरह के खेल शुरू हो गए हैं।

-डोंगीतराई व हल्दीझरिया में पीएम आवास की सूची से काटे गए हितग्राहियो ंके नाम को लेकर जांच रिपोर्ट आ गई है। इसमें सचिव ने शपथ पत्र दिया है कि सरपंच का फर्जी दस्तखत किया गया है इसको लेकर सचिव को नोटिस जारी किया गया है- चंदन त्रिपाठी, चंदन त्रिपाठी, सीईओ जिला पंचायत