#Topic of the day : भले थे हम गांव में निगम में आने से टूट गई आस

बेहतर थे हम और बेहतर थी हमारे स्थिति जब हम ग्राम पंचायत में थे। अब जब आ गए हैं निगम में तो यहां विकास की उम्मीद ही टूट गई है।

By: Rajkumar Shah

Updated: 10 Feb 2018, 05:29 PM IST

रायगढ़. बेहतर थे हम और बेहतर थी हमारे स्थिति जब हम ग्राम पंचायत में थे। अब जब आ गए हैं निगम में तो यहां विकास की उम्मीद ही टूट गई है।

यह कहना है कि वार्ड क्रमांक 41 के जनप्रतिनिधियों का। पत्रिका टॉपिक ऑफ द डे में शनिवार को वार्ड क्रमांक 41 के नोनाई डीपा मोहल्ला के उपेक्षित पुलिया को लेकर चर्चा की गई। इस चर्चा में शामिल होने के लिए हमारे साथ वार्ड पार्षद प्रभुलाल खडिया व पुसौर ब्लाक अघरिया समाज के ब्लाक अध्यक्ष चंद्र शेखर चौधरी मौजूद थे।

चर्चा के दौरान वार्ड पार्षद ने बताया कि जब ग्राम पंचायत से क्षेत्र को नगर निगम में शामिल किया गया था, तब विकास को लेकर काफी उम्मीदें थी, लेकिन यह उम्मीद मौजूदा समय में धरी की धरी रह गई। पार्षद का कहना था कि पुलिया नहीं होने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

सबसे ज्यादा परेशानी बारिश के दिनों में होती है। नाला पर पानी भर जाने से लोग इस पार से उस पार नहीं जा पाते। छोटे बच्चों को स्कूल जाने के लिए कपड़े उतारने पड़ते हैं।

कोई जब बीमार होता है तब उसकी स्थिति और भी ज्यादा दयनीय हो जाती है। वहीं अघरिया समाज के ब्लाक अध्यक्ष चंद्र शेखर चौधरी का कहना था कि जब यह क्षेत्र ग्राम पंचायत था तब और अब की स्थिति में काफी अंतर है। ग्राम पंचायत के समय काफी कार्य विभिन्न मदों से करवाया जाता था, लेकिन जब से निगम में क्षेत्र शामिल हुआ है छोटे-छोटे कार्यों के लिए परेशानी उठनी पड़ रही है।

उनका कहना था कि पूरा क्षेत्र आदिवासी क्षेत्र है। वहीं जब क्षेत्र से आदिवासी पार्षद नगर निगम चुन कर पहुंचा तो आदिवासियों को यह उम्मीद थी कि क्षेत्र में काफी विकास कार्य होगा, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। पुलिया निर्माण की मांग को लेकर जब भी नगर निगम में जाए तो उनका कहना होता है फंड नहीं है।

लोगों की इस समस्या को दूर करने के लिए काफी मशक्कत किया गया। इस मशक्कत का ही परिणाम है कि 22 लाख रुपए का स्टीमेंट तैयार करवाया गया है, लेकिन स्टीमेंट बनने के बाद आगे की प्रक्रिया नहीं हो रही है। वहीं उनका कहना था कि क्षेत्र के लोग पुलिया निर्माण के लिए स्थानीय विधायक के पास भी पहुंचे थे।

उनके द्वारा भी सिर्फ आश्वासन दिया गया है। इस बात को लेकर क्षेत्र के लोगों में चाहे वह जनप्रतिनिधि हो या फिर कोई अधिकारी काफी आक्रोश भी नजर आ रहा है।

Rajkumar Shah Reporting
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