Video :- कुकुरदा के जंगल में भटकता मिला था एक दिन का बार्किंग डियर

Vasudev Yadav

Publish: May, 20 2019 02:22:24 PM (IST)

Raigarh, Raigarh, Chhattisgarh, India

रायगढ़. रायगढ़ वनमंडल अंतर्गत जामगा सर्किल के कुकुरदा के जंगल से पांच दिन पहले मिला बार्किंग डियर (कोटरी) का बच्चा अब पूरी तरस से स्वस्थ है। सेव फारेस्ट की पहल पर इंदिरा विहार के स्टॉफ की देखरेख में उसे रखा गया है। फिलहाल उसे बकरी का दूध पिलाया जा रहा है। इंदिरा विहार के स्टॉफ ने इस कोटरी का नाम पुचपुच रखा है और जल्द ही यह बिलासपुर स्थित कानन पेंडारी का मेहमान बनेगी।
वन विभाग के मुताबिक बार्किंग डियर यानि कोटरी सेड्यूल थ्री श्रेणी का वन्य प्राणि है, जो कि दुलर्भ प्राणियों की श्रेणी में आता है। कुछ दिन पहले तेंदूपत्ता तोडऩे के लिए गए कुछ ग्रामीणों ने कुकुरदा क्षेत्र के जंगल में कोटरी के शावक को मां से बिछड़ा हुआ पाया। ग्रामीण उसे आवारा कुत्तों व शिकारियों से बचाने के लिए अपने साथ ले आए और इसकी जानकारी वन अमले की दी। सूचना के २४ घंटे बाद भी जब वन अमला वहां नहीं पहुंचा तो उन्होंने इसकी जानकारी सेव फारेस्ट कमेटी के अध्यक्ष गोपाल अग्रवाल को दी। वह खुद गांव पहुंचे और वन कर्मियों को बुलाकर उसे उनकी सुपुर्दगी में दिलाया। इसके बाद उन्होंने खुद गांव जाकर बकरी के दूध का इंतजाम किया और उसे पिलाया। इससे अब कोटरी का शावक पूरी तरह से स्वस्थ है और इंदिरा विहार के प्रभारी राजेश्वर मिश्रा की निगरानी में है। राजेश्वर मिश्रा ने बताया कि एक दो दिन बाद डीएफओ मनोज पाण्डेय की अनुमति मिलने के बाद उसे कानन पेंडारी छोडऩे की व्यवस्था की जाएगी।

पुचपुच को जल्द कानन पेंडारी भेजेगा वन विभाग, बकरी का दूध पिलाकर बचाई जान, किया गया नामकरण

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