कहीं मॉल कल्चर को बढ़ावा देने के लिए तो नहीं हटाई जा रही निगम की दुकानें !

सड़क को भी कर दिया वन-वे, सड़क पर पार्किंग से हर दिन लगती है जाम की स्थिति, लोग हो रहे परेशान
निगम के इतिहास में पहली बार कलेक्टर ने ली थी बैठक और इसी मुद्दे पर ही हुई थी चर्चा

By: Shiv Singh

Published: 10 Mar 2019, 03:51 PM IST

रायगढ़. नगर निगम के सामने बनी दुकानों को पिछले पांच साल से नहीं शिफ्ट किया जा सका। अब एक बार फिर इन दुकानों को हटाने की कवायद शुरू हो गई है। इस बात को लेकर कलक्टर ने पहली बार नगर निगम में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की बैठक ली। इस बैठक के बाद यह चर्चा का माहौल है कि मॉल कल्चर को बढ़ावा देने के लिए निगम के सामने बनी दुकानों को हटाए जाने की तैयारी है। यहीं कारण है कि मॉल जहां स्थित है उस मार्ग को वन-वे कर दिया गया है। इसके अलावा सड़क पर वाहनें पार्किंग की जा रही है। इससे आम लोगों का मार्ग से गुजरना भी दूभर हो गया है।

शहर के गौरी शंकर मंदिर मार्ग पर कुछ साल पहले मॉल बनाया गया। यहां दो मॉल बनाया जा रहा है। हालांकि यातायात की दृष्टि से शहर के अंदर मॉल की अनुमति लोगों को परेशानी देने वाला ही है, लेकिन सारे नियम को ताक पर रखते हुए इसकी अनुमति नगर निगम से मिल गई। मौजूदा समय में एक मॉल का संचालन शुरू हो गया है। वहीं दूसरे मॉल को शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। इसी बीच बीते दिनों कलक्टर की यहां पदस्थापना होने के बाद पहली बार कोई कलक्टर नगर में जनप्रतिनिधि व व्यवसायियों की बैठक लेने पहुंचे थे। इस दौरान बैठक में शहर के अतिक्रमण व यातायात को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा प्रमुख रूप से निगम के सामने बनी दुकानों को हटाने के लिए भी चर्चा हुई। इस दौरान यह कहा गया कि दुकानें हटाने से यातायात व्यस्थित होगा।

बैठक करीब दो घंटे तक चली। बैठक के बाद शहर में यह चर्चा जोरों पर है कि अब अधिकारी मॉल कल्चर को बढ़ावा देने में लगे हैं। यहीं वजह है कि वे मॉल के रास्ते में आने वाली समस्याओं को दूर करने में लगे हुए हैं। इसकी वजह से अरसे से लंबित पड़े निगम के सामने की दुकानों को पीछे करने पर जोर दिया जा रहा है।

कलक्टर कर चुके प्रतिष्ठान का उद्घाटन
मॉल कल्चर को बढ़ावा देने की बात तब से ज्यादा तूल पकड़ती है, जब पिछले दिनों कलक्टर इस मॉल के अंदर स्थित एक प्रतिष्ठान का उद्घाटन करने पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में मॉल के व्यवसायी भी मौजूद थे, जिन्होंने मॉल के सामने से इन दुकानों को हटाने के लिए कलेक्टर से मांग की थी।

भाजपा-कांग्रेस सहित मीडिया हाउस की दखल
मॉल की स्थिति पर गौर करे तो इस मॉल की नींव भाजपा शासन के समय डाली गई। मॉल में आने वाले वाहनों को पार्किंग की सुविधा तो दी गई, लेकिन मॉल तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं है, जबकि मॉल में आने वाले अधिकांश लोग चार पहिया वाहन से आते हैं, जिसके लिए सड़क की चौड़ाई पर्याप्त नहीं है। वहीं मॉल में भाजपा के साथ कुछ कांग्रेस नेता व एक मीडिया हाउस की भी दखल है। इसकी वजह से सारे नियम को ताक में रखते हुए मॉल निर्माण की अनुमति भी मिल गई।

बन सकता है व्यवस्थित पार्किंग स्थल
नगर निगम में व्यवसायी, जनप्रतिनिधि व कलक्टर की हुई बैठक नगर निगम के सामने बनी दुकानों के आसपास ही घुमती रही। वहीं इन दुकानों को कस्तुरबा गांधी स्कूल भवन की जमीन पर शिफ्ट करने के लिए था। ऐसे में यह कहा जा रहा है कि निगम व जिला प्रशासन को यदि पार्किंग व्यवस्था की चिंता है तो संबंधित स्कूल भवन की जमीन पर व्यवस्थित मल्टी स्टोरी पार्किंग स्थल बनाई जा सकती है। नगर निगम में बजट में इस मल्टी स्टोरी पार्किंग का कई वर्षों से प्रावधान भी करते आ रहा है।

&मॉल के सामने ट्रैफिक जाम होने की समस्या है। इस बात की शिकायत भी आ रही है। इसकी फाइल देखी जाएगी। इसके बाद आगे जो भी हो सकेगा किया जाएगा।
रमेश जायसवाल, आयुक्त, नगर निगम

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