अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद अफगानी ड्राई फ्रूट के 100 करोड़ के ऑर्डर कैंसिल, कीमतें बढ़ने की आशंका

Afghanistan Crisis Impact: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद स्थानीय थोक कारोबारियों ने माल फंसने के डर से अफगानिस्तान से आने वाले ड्राई फ्रूट का नया ऑर्डर बंद कर दिया है।

By: Ashish Gupta

Published: 19 Aug 2021, 12:22 PM IST

रायपुर. Afghanistan Crisis Impact: अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद स्थानीय थोक कारोबारियों ने माल फंसने के डर से अफगानिस्तान से आने वाले ड्राई फ्रूट का नया ऑर्डर बंद कर दिया है। जानकारी के मुताबिक त्योहारी सीजन को लेकर 2-3 महीने पहले से तैयारियां शुरू हो जाती है। अफगानी ड्राई फ्रूट्स को लेकर लगभग 100 करोड़ का नया ऑर्डर रद्द कर दिया गया है।

कारोबारियों का कहना है कि तालिबान विवाद के बाद ड्राई फ्रूट्स को आने में अभी वक्त लग सकता है। इसलिए ऑर्डर कैंसिल किए गए हैं। हालांकि अभी कीमतें नहीं बढ़ी है, लेकिन 10 से 15 दिन के भीतर आवक सामान्य नहीं होने पर कीमतें बढ़ना लगभग तय माना जा रहा है। रायपुर के थोक कारोबारियों ने दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता सहित दुबई के एजेंट से बातचीत करने के बाद हालात सामान्य होने तक नया ऑर्डर नहीं देने का निर्णय लिया है।

प्रदेश में अफगानी ड्राई फ्रूट्स का कारोबार 400 करोड़ का
थोक कारोबारियों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में अफगानी ड्राई फ्रूट्स का कारोबार 350 से 400 करोड़ के करीब है। अफगानिस्तान के अंजीर, खुरमानी और अखरोट की डिमांड सालभर बनी रहती है, लेकिन अब लोगों को इसके लिए परेशान होना पड़ सकता है। काजू का उत्पादन केरल, गोवा, ओडिशा में होने की वजह से विदेशों से आयात कम है। बादाम पर निर्भरता कैलिफोर्निया, कनाडा और चिली आदि देशों पर है।

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कैलिफोर्निया में फसल खराब इसलिए बादाम महंगा
डूमरतराई के थोक कारोबारी मनोज सचदेव के मुताबिक बादाम की कीमतों में इजाफे का कारण अफगानिस्तान नहीं बल्कि कैलिफोर्निया और कनाडा में फसलों में 32 फीसदी की गिरावट है। इसके अलावा कैलिफोर्निया में जंगल में आग लगने की वजह से भी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा। बादाम की कीमतों में 15 दिनों के भीतर 250 किलो का इजाफा दर्ज किया जा चुका है।

छत्तीसगढ़ किराना मेवा व्यापारी संघ के सचिव विनोद जैन ने कहा, ड्राई फ्रूट्स का नया ऑर्डर देना बंद कर दिया है। हालत विपरीत होने की वजह से अफगानिस्तान के साथ व्यापार में नुकसान की आशंका है। हम हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। दुबई के अलग-अलग एजेंट के बातचीत करने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

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कैट ने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग रखी
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) सीजी चैप्टर ने अफगानिस्तान संकट पर केंद्र सरकार से द्विपक्षीय व्यापार के संचालन को लेकर पहल करने की मांग रखी है। कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी व कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम सिंहदेव ने कहा कि अफगानिस्तान के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2020-2021 में देशभर में 1.4 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जबकि वर्ष 2019-20 में यह 1.52 अमेरिकी डॉलर के करीब रहा। राजनीतिक अस्थिरता की वजह से कीमतें बढऩे की आशंका और व्यापारियों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

रायपुुर में अफगानी ड्राई फ्रूट्स की वर्तमान कीमतें
ड्राई फ्रूट्स - कीमतें (प्रति किलो चिल्हर)
अंजीर-800-1000
खुरमानी-400-800
अफगानी किशमिश-400-1000
मुनक्का-600-800
कालीदाख-400-600
काजू-600-1000
बादाम- 950-1000
(नोट-कीमतें चिल्हर बाजार के मुताबिक-अलग-अलग वैरायटी में)

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