अब जन्म एवं मृत्यु का शतप्रतिशत आनलाइन पंजीयन और प्रमाण पत्र का निशुल्क वितरण होगा

पंजीयन नहीं किए जाने अथवा रिपोर्टिंग नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित रजिस्ट्रारों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने, अर्थदण्ड लगाने और उनके वेतन से राशि वसूलने के निर्देंश दिए।

By: bhemendra yadav

Updated: 06 Jan 2021, 01:00 AM IST

रायपुर . कलेक्टर एवं अतिरिक्त मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) डाॅ. एस. भारतीदासन ने आज रायपुर जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के सभी रजिस्ट्रारों की बैठक लेकर केन्द्रीय साॅफ्टवेयर का उपयोग करते हुये जन्म एवं मृत्यु का शतप्रतिशत आनलाइन पंजीयन करने और उसके प्रमाण पत्र वितरण का कार्य निशुल्क करने के निर्देंश दिए।

कलेक्टर ने इसके लिए रजिस्ट्रारों को उनके क्षेत्र में होने वाले सभी जन्म-मृत्यु की जन्म-मृत्यु घटनाओं की पंजीकरण करने, प्रमाण पत्र वितरण करने और इसका मासिक प्रतिवेदन हर माह की 5 तारीख तक प्रेषित करने के सख्त निर्देंश दिए। उन्होंने पंजीयन नहीं किए जाने अथवा रिपोर्टिंग नहीं किए जाने की स्थिति में संबंधित रजिस्ट्रारों के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने, अर्थदण्ड लगाने और उनके वेतन से राशि वसूलने के निर्देंश दिए।

उल्लेखनीय हैं कि रायपुर जिले में जन्म एवं मृत्यु के शतप्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय समिति का गठन किया गया है। जन्म - मृत्यु अधिनियम 1969 के अनुसार देश के प्रत्येक की घटनाओं का पंजीयन किया जाना अनिवार्य है। बैठक में जन्म-मृत्यु पंजीयन वर्ष 2020 की प्रगति की समीक्षा की गई। रायपुर जिले के 92.9 प्रतिशत संस्थाओं, 88.9 ग्रामीण क्षेत्र तथा 94.9 प्रतिशत शहरी क्षेत्रों में पंजीयन की रिपोर्टिंग पर कलेक्टर ने अपनी नाराजगी व्यक्त की और जिला योजना अधिकारी को जन्म एवं मृत्यु पंजीयन की शतप्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने के लिए आवश्वयक कार्यवाही करने को कहा। कलेक्टर ने सरकारी एवं निजी चिकित्सालयों में होने वाले मृत्यु के प्रकरणों में मृत्यु का चिकित्सीय प्रमाणीकरण प्रपत्र भी अनिवार्य रूप से देने को कहा।

बैठक में जिला योजना अधिकारी प्राची मिश्रा ने आडियों विडियों प्रर्दशन दिया। जन्म प्रमाण पत्र बच्चे का प्रथम वैधानिक अधिकार और पहचान उल्लेखनीय हैं कि जन्म प्रमाण पत्र बच्चे का प्रथम वैधानिक अधिकार और पहचान है। जन्म तिथि, जन्म स्थान का प्रामाणिक दस्तावेज पैतृक सम्पत्ति,उत्तराधिकार के निराकरण हेतु भी यह पंजीयन एवं जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जरूरी है। कोर्ट, कचहरी के मामले में मृत्यु के साक्ष्य के रूप में भी यह सहायक है। इसी तरह स्कूल में दाखिला, ड्राइविंग लाइसेंस, मताधिकार, पासपोर्ट, बीमा संबंधी मामलों में मुआवजा प्राप्ति, दावा करने में सहायक है।

राशन कार्ड में नाम जुड़वाने ईत्यादि में भी इसका उपयोग होता है। समाज कल्याण योजनाए बनाने के लिए और उनका लाभ उठाने के साथ-साथ जनसंख्या और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े हेतु उपयोगी है। पंजीयन से बच्चों का जाति प्रमाण पत्र बनना होगा आसान राज्य शासन द्वारा दिए गये निर्देंशों के अनुसार बच्चों के जन्म के साथ ही उनका जाति प्रमाण पत्र बनाया जाना है। इसके लिए शिशु के जन्म के एक सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से जन्म पंजीकरण करने और प्रमाण पत्र वितरण करने के निर्देंश दिए गये।

बीमा योजना के भुगतान के लिए भी मृत्यु प्रमाण पत्र जरूरी प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के भुगतान के लिए भी मृत्यु प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है। इसके लिए भी एक सप्ताह के भीतर पंजीकरण कर मृत्यु प्रमाण पत्र वितरण करने के निर्देंश दिए गये। जन्म मृत्यु पंजीयन कराने की इकाई जन्म - मृत्यु पंजीयन कराने की इकाई ग्रामीण क्षेत्रों में सभी ग्राम पंचायतें है। शहरी क्षे़त्रों में सभी नगरीय निकाय (नगर निगम ,पालिका परिषद, नगर पंचायत) के अलावा संस्थागत जैसे समस्त शासकीय चिकित्सालय में जन्म - मृत्यु पंजीयन का कार्य किया जाता है।

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