सालभर में ही 122 करोड़ की सड़क खराब, अब मरम्मत में भी लीपापोती

एडीबी के तहत नांदघाट से बलौदाबाजार प्रोजेक्ट के तहत 122 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित बलौदाबाजार-भाटापारा मुख्य मार्ग निर्माण के कुछ माह बाद से ही कई स्थानों पर खराब हो चुकी है।

By: dharmendra ghidode

Published: 24 May 2020, 05:33 PM IST

बलौदाबाजार. एडीबी के तहत नांदघाट से बलौदाबाजार प्रोजेक्ट के तहत 122 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित बलौदाबाजार-भाटापारा मुख्य मार्ग निर्माण के कुछ माह बाद से ही कई स्थानों पर खराब हो चुकी है। मीडिया द्वारा लगातार इस मामले को प्रमुखता से उठाए करने और क्षेत्रवासियों द्वारा इस मामले में उच्चाधिकारियों से शिकायत करने के बाद अब संबंधित ठेकेदार द्वारा सड़क का सुधार कार्य कराया जा रहा है। परंतु यह सुधार कार्य भी कामचलाऊ तरीके से किया जा रहा है जिससे सड़क की दशा सुधरने की किसी प्रकार की गुंजाइश नजर नहीं आती।
उक्त सड़क में कई स्थानों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो चुके हैं। सड़क का लेबल भी गड़बड़ा गया है, जिसकी वजह से दुर्घटनाएं भी बढ़ गई है। पूर्व में भी विभागीय अधिकारियों द्वारा परफारमेंस गारंटी के तहत ठेकेदार से जिस स्थान पर सड़क में गड्ढ़ा है उस स्थान पर सड़क को उखाड़कर बनवाए जाने की बात कही गई थी, किंतु ऐसा नहीं किया जा रहा है। मात्र सड़क मरम्मत की औपचारिकता पूरी की जा रही है।
उक्त सड़क निर्माण का कार्य बिलासपुर की एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से करवाया गया है। सड़क निर्माण में की गई गड़बड़ी का खामियाजा सड़क मार्ग से आवागमन करने वालों को भुगतना पड़ रहा है। सड़क निर्माण के बाद से ही नांदघाट से बलौदा बाजार के बीच कई स्थानों पर धंसने लगी है। सड़क निर्माण के दौरान संबंधित ठेकेदार द्वारा घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किए जाने, नियमानुसार सही तरीके से रोलिंग और क्यूरिंग यानि पानी तराई नहीं किए जाने को लेकर सड़क निर्माण के दौरान ही विभागीय अधिकारियों से कई बार शिकायत की थी, जिसकी ओर विभागीय अधिकारियों द्वारा जानबूझकर ध्यान नहीं दिया गया था, जिसके परिणामस्वरूप घटिया निर्माण की पोल साल भर के भीतर ही खुल चुकी है।
आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर सड़क धंस चुकी
बलौदाबाजार से भाटापारा की ओर जाने पर कुकुरदी मोड़ के आगे अंबुजा माईंस के पास, ग्राम रवान के आगे, ग्राम खैरी के पास, डीपीएस स्कूल के पास, भाटापारा के एग्रीकल्चर कॉलेज के पास समेत कई स्थानों पर सड़क में वाहनों के टायर के निशान स्पष्ट रूप से नजर आते हैं। वाहनों के गुजरने की वजह से जिस प्रकार बरसात के दिनों में मिट्टी के कच्चे रास्ते में नालीनुमा गड्ढ़ा बन जाता है, उसी प्रकार डामर की नवनिर्मित सड़क पर भी टायर के निशान के साईज में गड्ढ़ा नजर आ रहा है। निर्माण के कुछ ही माह के दौरान सड़क का लेवल भी पूरी तरह से असमतल हो गया है और सड़क कई स्थानों पर दबकर ऊपर-नीचे यानि उबड़-खाबड़ हो चुकी है।
विशेषज्ञों ने बताया कि कमजोर रोलिंग तथा पानी तराई की वजह से अब बीटी वर्क यानि डामरीकरण दब रहा है। डामर की सड़क के लिए पानी का जमाव काफी हानिकारक होता है।
सड़क मरम्मत भी कामचलाऊ
सड़क के कई स्थानों पर खराब हो जाने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि विभागीय अधिकारी सड़क की हालत को गंभीरता से लेते हुए सड़क की रिपेयरिंग बेहतर तरीके से कराएंगे। एक्सपर्ट के अनुसार जिस-जिस स्थान पर सड़क दब गई है, इस पूरे स्थान को पूरी तरह से उखाड़कर फिर से रोलिंग कर नए डामरीकरण कराए जाने की आवश्यकता है। परंतु एडीबी के ठेकेदार द्वारा केवल सड़क की ऊपरी परत को मामूली रूप से छिलकर डामर की पतली परत लगाई जा रही है। जिस कामचलाऊ तरीके से सड़क का निर्माण कराया गया था, मरम्मत कार्य भी उसी तरह जारी है, जिससे सड़क के बेहतर होने की उम्मीद नहीं।

बलौदाबाजार-भाटापारा मुख्य मार्ग जिस स्थान पर खराब हुआ है। उस स्थान पर संबंधित ठेकेदार अपने रिस्क पर मरम्मत कार्य करा रहा है। इसकी देखरेख विभाग की कन्सल्टेंस कमेटी करती है। अभी तक ठेकेदार को ओके रिपोर्ट नहीं मिली है।
डी. कुमार, कार्यपालन अभियंता, एडीबी, बलौदाबाजार-भाटापारा

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