लंबा इंतजार खत्म, 14 हजार 580 शिक्षकों की नियुक्ति का खुला रास्ता

- छत्तीसगढ़ सरकार ने जारी किए आदेश : कोरोना संक्रमण की वजह से अटकी हुई थी नियुक्ति

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 31 Jul 2021, 10:23 PM IST

रायपुर . पिछले करीब दो साल से छत्तीसगढ़ में अपनी नौकरी का इंतजार कर रहे 14 हजार 580 शिक्षकों की नियुक्ति का रास्ता आखिरकार खुल ही गया है। इन शिक्षकों की नियुक्ति कोरोना संक्रमण काल में स्कूल बंद होने की वजह से अटकी हुई थी। स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव जनक कुमार ने लोक शिक्षण आयुक्त को पत्र लिखकर नियुक्ति आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत हर अभ्यर्थी को अलग से आदेश जारी होगा।

बता दें इस नियुक्ति के लिए शिक्षकों ने लंबा संघर्ष किया है। उन्होंने सड़क की लड़ाई लड़ी और उनके खिलाफ जुर्म भी दर्ज हुआ है। राज्यपाल ने भी इसे लेकर हस्ताक्षेप किया था। विपक्ष ने इस मुद्दे को विधानसभा में भी उठाया था। हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले ही कह दिया कि किसी भी अभ्यर्थी के साथ अन्याय नहीं होगा। व्याख्याताओं की नियुक्ति का आदेश फरवरी में ही जारी हो गए थे।

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3 साल की होगी परिवीक्षा अवधि
नियुक्ति में देरी की वजह से इन शिक्षकों के लिए बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। आर्थिक रूप से प्रभावित होने के साथ ही शिक्षकों अब तीन साल की परिवीक्षा अवधि में लिए काम करना होगा। इससे पहले दो साल की परिवीक्षा अवधि हुआ करती थी। इस संबंध में वित्त विभाग ने 29 जुलाई 2020 को आदेश जारी किया था, जबकि शिक्षक भर्ती के नतीजे अक्टूबर-नवम्बर 2019 में जारी हुए थे। यदि सभी प्रक्रिया तय समय पर हो जाती, तो शिक्षकों को दो साल की परिवीक्षा अवधि होती। तीन साल की परिवीक्षा अवधि के लिए अलग-अलग तरीके से वेतन मिलेगा। पहले वर्ष न्यूनतम वेतनमान का 70 फीसदी राशि, दूसरे वर्ष 80 फीसदी और तीसरे वर्ष में 90 फीसदी राशि स्टाइपेण्ड के रूप में दी जाएगी।

2683 व्याख्याताओं की हुई नियुक्ति
14 हजार 580 पदों में व्याख्याताओं के पद भी शामिल थे। बीते शैक्षणिक सत्र में सरकार ने 9वीं से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों को खोलने का फैसला लिया था। इसके बाद इन व्याख्याताओं का एक बार फिर दस्तावेजों का सत्यापन किया गया था और हर व्याख्याताओं के लिए अलग-अलग नियुक्ति आदेश जारी किया गया था।

494 पदों पर नहीं मिले पात्र उम्मीदवार
राज्य सरकार की भर्ती परीक्षा में हजारों की संख्या में उम्मीदवार शामिल हुए थे। इसके बाद भी व्याख्याताओं के 494 पदों पर एक भी योग्य उम्मीदवार नहीं मिल सके। इस वजह से इन पदों पर नियुक्ति आदेश नहीं जारी किया जा सका है। वहीं 321 व्याख्याता ऐसे हैं, जो नियमित तिथि तक पदभार भी ग्रहण नहीं किए हैं।

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Bhupesh Tripathi
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