छत्तीसगढ़ के 1500 और राजधानी के 201 पाकिस्तानी नागरिकों को मिली भारत की नागरिकता

- जिला प्रशासन में तीन वर्ष पहले किया गया था आवेदन, अब जाकर प्रक्रिया हुई पूरी।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 14 Jan 2021, 10:31 PM IST

रायपुर। पाकिस्तान से आकर छत्तीसगढ़ में बसे तकरीबन 13 सौ समेत रायपुर में रह रहे 201 पाकिस्तानी प्रवासियों को भारतीय नागरिकता मिल गई है, अधिकारियों के मुताबिक जिन पाकिस्तानी प्रवासियों को भारतीय नागरिकता दी गई है वह 17 साल से राजधानी में रह रहे थे। नागरिकता प्राप्त करने वाले सभी लोग पाकिस्तान छोड़ भारत में रहने आए हिंदू हैं।

एडीएम एनआर साहू ने बताया कि भारतीय नागरिकता नहीं होने की वजह से पाकिस्तानी प्रवासियों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और सरकारी नौकरियां लेने में परेशानी हो रही थी, उन्होंने बताया कि सिर्फ रायपुर में पिछले 2 महीने में कुल 201 पाकिस्तानी प्रवासियों को भारतीय नागरिकता दी गई है।

साहू ने यह भी बताया कि 350 अन्य पाकिस्तानी प्रवासियों ने भी भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है और उसके लिए प्रक्रिया चल रही है, इसके अलावा 23 अन्य मामलों में भी जांच हो रही है और जल्द से जल्द उन सभी को भारतीय नागरिकता देने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।


बड़ी संख्या में पाकिस्तानी शरणार्थियों
प्रदेश में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी हिंदू शरणार्थियों की आबादी है। जानकार बताते है कि इनकी संख्या कई हजारों में है। प्रशासन से प्राप्त जानकरी के अनुसार अभी तक कुल 4000 आवेदन आएं है, जिन्हें नागरिकता प्रदान कराने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इन आवेदनों में से दो हजार से ज्यादा आवेदन प्रशासनिक कैंप के माध्यम से आये हैं और बांकी के आवेदन ऑनलाइन माध्यम से।

दो तरह से किया जा सकता है आवेदन
जिला प्रशासन के मुताबिक मौजूदा समय में दो तरह से आवेदन किया जा सकता है। एक ऑनलाइन माध्यम से और एक प्रशासन द्वारा आयोजित कैंप के माध्यम से। आवेदन के समय 500 रूपए का शुल्क जमा होता है और वेरिफिकेशन के बाद नागरिकता देने के लिए 5 हज़ार का शुल्क देना होता है। साथ ही प्रमाण पत्र देते समय 100 रूपए का खर्च आता है।

नागरिकता ग्रहण करने के लिए यह ज़रूरी

- एलटीवी यानि लॉन्ग टर्म वीजा। इसमें ध्यान रहे कि रेनेवशन के समय कभी भी आवेदक डिफाल्टर न रहा हो।
- आवेदक कम से कम पिछले 7 साल से देश में रह रहा हो।

- आवेदन से एक साल पूर्व तक आवेदक किसी भी विदेश यात्रा पर न गया हो।
- आवेदक के पास पासपोर्ट होना आवश्यक है।

- यदि वह शादी शुदा है तो मैरिज सर्टिफिकेट भी आवश्यक है।
- एनआरओ की वेरिफिकेशन रिपोर्ट।

क्या होती है प्रक्रिया
आवेदन करते समय 500 रूपए का शुल्क प्रशासन द्वारा लिया जाता है। आवेदन के साथ सभी दस्तावेज की वेरिफिकेशन प्रशासन द्वारा की जाती है। इसके बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाती है। शासन से यह फाइल गृह मंत्रालय पहुंचती है जहां दस्तावेजों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाता है। फाइल स्वीकृत होने के बाद इसे फिर शासन और शासन फिर जिला प्रशासन को भेजता है। इसके बाद 5 हजार का शुल्क लेकर नागरिकता का सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से आवेदन किए जा रहे हैं कई लोग आवेदन की प्रक्रिया सही नहीं करते इसलिए आवेदन रद्द हो रहे हैं। जो पूरी शर्तों में पात्र हैं निर्धारित प्रक्रिया के बाद उन्हें नागरिकता प्रदान की जा रही है।
- एनआर साहू, एडीएम, रायपुर

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