प्रदेश में 2 लाख टीके तो चाहिए सिर्फ फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स के लिए

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों को भी लगेगी वैक्सीन, पहली प्राथमिकता में मेडिकल वर्कर ही रहेंगे, मार्च-अप्रैल तक वैक्सीन आने की संभावना

By: Nikesh Kumar Dewangan

Published: 28 Nov 2020, 07:07 PM IST

रायपुर. प्रदेश में कोरोना वैक्सीन के 2 लाख डोज की जरूरत सिर्फ फ्रंटलाइन कोरोना वारियर्स के लिए है। आम आदमी की बारी इसके बाद आएगी। जी हां, केंद्र सरकार के निर्देश पर राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा मेडिकल हेल्थ वर्कर्स की जो सूची तैयार की गई है, उसमें तकरीबन 2 लाख लोगों के नाम हैं। इनमें स्वास्थ्य की पहली पंक्ति में तैनात आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों के नाम भी शामिल हैं। सभी जिलों ने राज्य के निर्देश पर केंद्र के पोर्टल पर अपने-अपने जिलों के हेल्थ वर्कर्स के नाम, पहचान पत्रों सहित अपलोड कर दिए हैं। निजी अस्पतालों ने भी यह प्रक्रिया कर ली है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो अभी तक केंद्र से वैक्सीन कब तक राज्य को मिलेगी? इससे जुड़ी कोई भी जानकारी साझा नहीं की गई है। राज्य की आबादी 2.87 करोड़ है। इसके मुताबिक राज्य सरकार कम से कम पहले चरण में 10 प्रतिशत आबादी के लिए टीकों की मांग करेगी। यानी करीब 30 लाख। उधर, हेल्थ वर्कर्स के बाद दूसरी प्राथमिकता में बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बच्चे शस्रामिल होंगे। मगर तब तक मास्क को ही वैक्सीन है, यही मानकर चलना होगा।

मेडिकल स्टाफ की सूची इस प्रकार है

डॉक्टर, आरएमए, स्टाफ नर्स, रेडियोग्राफर, लैब टेक्नीशियन, आई स्पेशलिस्ट, फॉर्मासिस्ट, ड्रेसर, आया बाई, वार्ड व्बॉय, मितानीन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। सरकारी अस्पतालों में इनकी संख्या करीब 1 लाख है।

कोल्ड स्टोरेज के लिए केंद्र भेज रहा है उपकरण

प्रदेश में वर्तमान में 630 कोल्ड स्टोरेज हैं। केंद्र ने 80 और स्टोरेज खोलने की अनुमति दी है। इसके लिए उपकरण और अन्य आवश्यक संसाधन केंद्र ही मुहैया करवाएगा, जो अभी राज्य को नहीं मिले हैं।

वैक्सीन का नेचर नहीं पता?

एक प्रमुख सवाल यह है कि अभी किसी को वैक्सीन नेचर नहीं पता। तो पहले से कोल्ड स्टोरेज कैसे बनाए जाएंगे? इस पर अधिकारियों का कहना है कि वैक्सीन 2 से 8 डिग्री तापमान पर ही रहती हैं। 50 साल से इसी आधार पर वैक्सीन का सुरक्षित रखी जाती हैं।

स्वास्थ्य विभाग के राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने बताया कि करीब 2 लाख मेडिकल स्टाफ हैं जिनके नाम पोर्टल में जिलों द्वारा अपलोड कर दिए गए हैं। यह काम 99 प्रतिशत पूरा हो चुका है। कोल्ड स्टोरेज के लिए केंद्र से उपकरण आने शेष हैं।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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