रायपुर में 2027 कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग, सिर्फ 974 का सैंपल, 37 मिले पॉजिटिव

- हाईरिस्क वाले 1100 व लोरिस्क वाले 927 मिले, कंटेनमेंट एरिया में सर्वे कर लिया जा रहा सैंपल।

By: Bhupesh Tripathi

Updated: 26 Jun 2020, 05:53 PM IST

रायपुर। प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ दिन- प्रतिदिन बढ़ रहा है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 'कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग' की रफ्तार काफी धीमी गति से चल रही है। कई जिलों में औसत स्तर पर भी कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग नहीं की गई है। इससे कम्युनिटी ट्रांसमिशन के खतरे से इनकार नहीं किया जा सकता है। कोरोना वायरस का संक्रमण राज्य के 28 जिलों तक पहुंच चुका है। रायपुर जिले की बात की जाए तो अभी तक 245 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। जिले में 2027 कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की गई है, जिसमें 1100 हाईरिस्क तथा 927 लोरिस्क वाले शामिल हैं। इसमें से 927 लोगों का सैंपल लिया गया है, जिसमें 820 नेगेटिव तथा 37 पॉजिटिव पाए गए हैं। 117 लोगों की रिपार्ट स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को नहीं मिली है।

एम्स के पूर्व अधीक्षक डॉ. करन पीपरे का कहना है कि कोराना पॉजिटिव लोगों के संपर्क में आने वाले लोगों को ट्रेस करना ही कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कहलाता है। कोरोना संक्रमण को रोकने में कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग सबसे अहम होता है, लेकिन कई लोग जानकारियां छिपा लेते हैं। वे पिछले दिनों कहां गए और किस-किस से मिले, इसकी जानकारी देने से बचते हैं। जिससे स्वास्थ्य विभाग को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है। कोराना के संक्रमण के फैलाव का यह भी एक कारण माना जा सकता है। उनका कहना है कि पहले संक्रमितों से पूछताछ की जाती है। इसके बाद कौन-कौन संपर्क में आए थे, उनकी सूची बनाई जाती है। संपर्क में आने वाले लोगों को सूचना दी जाती है और कहा जाता है कि खुद को आइसोलेट करें। इस दौरान यदि कोई लक्षण दिखाई दे तो तुरंत अस्पताल पहुंचे। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के माध्यम से ही जाना जा सकता है कि संक्रमण कहां-कहां तक फैल चुका है।

संपर्क में आने वालों का किया जाता है फॉलोअप
जिन लोगों के संक्रमण होने की आशंका होती है, स्वास्थ्य विभाग का अमला उनके संपर्क में रहता है। वे उनकी निगरानी करते हैं और यह देखते रहते हैं कि उनमें से किसी को कोई लक्षण दिखने तो शुरू नहीं हुए। यदि ऐसा होता है तो तुरंत जांच की जाती है।

कोरोना संक्रमित मरीज मिलते ही तुरंत कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग की जाती है। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए टीम भी बनाई है। स्वास्थ्य कर्मचारी घर-घर जाकर सर्वे भी कर रहे हैं और सर्दी, खांसी, बुखार और सांस में तकलीफ होने वाले मरीजों की लिस्ट बना रहे हैं।
डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ, रायपुर

Show More
Bhupesh Tripathi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned