25 करोड़ में सिर्फ 2 करोड़ की वसूली, 20 साल से अटके हैं डायवर्सन शुल्क

तहसील कार्यालय में बकाया को लेकर लापरवाही

By: Devendra sahu

Updated: 07 Mar 2020, 06:43 PM IST

रायपुर. तहसील कार्यालय में वर्षों से बकाया तकरीबन 25 करोड़ डायवर्सन शुल्क में से सिर्फ दो करोड़ की वसूली विभाग कर पाया है। तहसील के अधिकारियों का कहना है कि कई वर्ष पुराने मामले होने की वजह से संबंधित व्यक्ति तक नोटिस नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस वजह से भी वसूली नहीं हो पा रही है। कई मामले 20 से 25 साल पुराने हैं। जिले की कृषि और आवासीय जमीन को डायवर्सन कराने के बाद उसकी फीस वसूलने में राजस्व अधिकारी फुर्ती नहीं दिखा रहे हैं। एक दशक से जिले के 2700 लोगों से डायवर्सन फीस के तौर पर 22 करोड़ रुपए से ज्यादा की वसूली नहीं हो पाई है। हर साल तहसील के अफसरों को फटकार लगने के बाद भी यह कवायद जनवरी से मार्च के बीच चलकर समाप्त हो जाती है।
कलेक्टर लगा चुके हैं फटकार
डायवर्सन फीस की वसूली मंे लापरवाही को लेकर कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने टीएल की बैठक में अधिकारियों को फटकार भी लगा चुके हैं। इसके बावजूद अफसर इसमें गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। एसडीएम और तहसीलदारों का कहना है कि डायवर्सन शुल्क की वसूली लगातार जारी है। अब तक २ करोड़ की वसूली हुई है।

रेकार्डों को नहीं कर पाए ऑनलाइन
जिले की सभी चार तहसीलों के जमीन रेकार्डों को भी अब तक पूरी तरह से ऑनलाइन नहीं किया गया है। शासन ने इस संबंध में कई बार अल्टीमेटम भी दिया है। इसके बावजूद अभी तक जिले का काम पूरा नहीं हो सका है। इस मामले में मंत्रालय के आला अफसर तहसील अफसरों को फटकार भी लगा चुके हैं।

किस जमीन का कितना डायवर्सन, रेकॉर्ड अपडेट नहीं
रायपुर में इस तरह की शिकायतें आम हो गई हैं कि जितनी जमीन का डायवर्सन कराया गया है लोग उससे ज्यादा एरिया की जमीन का उपयोग कर रहे हैं।
माओवादग्रस्त जिलों से भी पीछे रायपुर
माओवादग्रस्त जिलों में जमीन रिकार्डों को ऑनलाइन करने का काम लगभग पूरा हो गया, लेकिन राजधानी में यह काम अभी 70 फीसदी भी पूरा नहीं हुआ है। जमीन रिकार्डों को ऑनलाइन करने के लिए न तो रिकार्ड ढूंढे जाते हैं और न ही उन्हें स्कैन किया जाता है। पुराने दस्तावेज नहीं मिलने की वजह से भी रिकार्ड सौ फीसदी ऑनलाइन नहीं हो पा रहे हैं।

लगातार वसूली की जा रही है। वर्षों से बकाया 2 करोड़ रुपए की अब तक वसूली हुई है। कई लोगों को नोटिस भेजा गया है।
प्रणव सिंह, एसडीएम, रायपुर

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