अपडेट: एक महिला से 14 तथा कपड़ा दुकान के 2 सेल्समैन से 15 लोग हुए कोरोना संक्रमित

जिला प्रशासन और आंबेडकर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से सभी संक्रमित हुए हैं। गत दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम भाटागांव में सर्वे का काम कर रही थी। इसी दौरान सर्दी-खांसी, बुखार और गले में खरास से पीडि़त 65 वर्षीय महिला मिली। टीम ने उसे आंबेडकर अस्पताल जाकर कोरोना जांच के लिए कहा।

By: Karunakant Chaubey

Published: 20 Jul 2020, 11:25 PM IST

रायपुर. कोरोना संक्रमण से बचाव के मामले में रायपुर जिले की स्थिति अच्छी नहीं है। मरीजों की संख्या 1252 पहुंच गया है। प्रदेश के सर्वाधिक संक्रमित मरीजों वाले जिलों में रायपुर पहले नंबर पर काबिज है। सोमवार को 66 नए कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिसमें से भाटागांव की एक महिला से १४ तथा पंडरी स्थित एक कपड़ा दुकान में काम करने वाले 2 सेल्समैन से 12 कर्मचारी संक्रमित हुए हैं।

जिला प्रशासन और आंबेडकर अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही की वजह से सभी संक्रमित हुए हैं। गत दिनों स्वास्थ्य विभाग की टीम भाटागांव में सर्वे का काम कर रही थी। इसी दौरान सर्दी-खांसी, बुखार और गले में खरास से पीडि़त 65 वर्षीय महिला मिली। टीम ने उसे आंबेडकर अस्पताल जाकर कोरोना जांच के लिए कहा। 16 जुलाई को महिला आंबेडकर अस्पताल पहुंची और जांच कराई। डॉक्टरों ने महिला को ऐहतियात के तौर पर आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर दिया। 17 जुलाई को रिपोर्ट आने पर महिला कोरोना पॉजिटिव मिली।

डॉक्टरों ने आइसोलेशन वार्ड में जाकर देखा तो महिला नही गायब थी। छानबीन के बाद पता चला कि महिला आइसोलेशन वार्ड में भर्ती न होकर घर चली गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम जब भाटागांव पहुंची तो महिला की मौत हो गई थी और परिजन उसका अंतिम संस्कार की तैयारी में जुटे थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम शव लेकर वापस आई। ऐसे ही पंडरी स्थित एक कपड़ा दुकान में 2 सेल्समैन के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद भी दुकान को बंद नहीं कराया गया।

150 से ज्याद लोगों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग

भाटागांव की महिला के संपर्क में करीब 150 से ज्यादा लोग आए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम महिला की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग कर सैंपल लिया, जिसमें से 20 लोग पॉजिटिव आए हैं। महिला के संपर्क में आने वाले कुछ लोगों की रिपोर्ट आना बाकी है। ऐसे ही कपड़ा दुकान से सेल्समैनों के संपर्क में आकर कितने संक्रमित हुए है, इसका अंदाजा स्वास्थ्य विभाग को भी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने 8-10 दिनों के भीतर दुकान से कपड़ा लेने वाले सभी ग्राहकों से कोरोना जांच कराने की अपील की है।

आंबेडकर प्रबंधन की लापरवाही

भाटागांव की महिला की जांच के बाद डॉक्टर व स्टॉफ ने यह देखना भी उचित नही समझा कि वह आइसोलेशन वार्ड में भर्ती हुई है कि नही। 17 जुलाई तक अस्पताल प्रबंधन को इसकी भनक नही लगी। बताया जाता है कि सोशल मीडिया पर महिला के अस्पताल से लापता होने की खबर वायरल होने के बाद प्रबंधन को इसकी जानकारी मिली और वह महिला की तलाश में जुटे।

जिला प्रशासन की लापरवाही

पंडरी स्थित कपड़ा दुकान से दो सेल्यमैन के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद भी जिला प्रशासन ने लापरवाही बरतते हुए बंद नही कराया। मंगलवार को दुकान के 15 कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के एक आला अधिकारी ने नाम न छापे जाने की शर्त पर बताया कि दुकान को बंद करने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। कोरोना पॉजिटिव सैल्समैन की सूचना देने के बाद भी बंद नहीं कराया गया।

महिला के संपर्क में आने वाले लोगों का सैंपल लिया गया है। सेल्समैनों के संपर्क में कितने लोग आए हैं कहना मुश्किल है। 8-10 दिनों के भीतर दुकान से जितने ग्राहकों ने सामान लिया है, वह जांच करा लें।
-डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ, रायपुर

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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