आंबेडकर अस्पताल में 300 कोरोना पॉजिटिव गर्भवतियों की डिलीवरी, जच्चा-बच्चा सुरक्षित

- सरकारी तंत्र पर भरोसा- कई अस्पतालों से कोरोना संक्रमित मरीजों को लौटाने, संक्रमित पाए जाने पर सरकारी संस्थानों में शिफ्टिंग कर देने की सूचनाएं भी आईं, लेकिन आंबेडकर अस्पताल से कभी ऐसी शिकायत नहीं आई।

By: Bhupesh Tripathi

Published: 18 Oct 2020, 04:50 PM IST

रायपुर. कोरोना काल में प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान डॉ. भीमराव आंबेडकर अस्पताल ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यहां के स्त्रीरोग विभाग ने बीते 7 महीने में 540 कोरोना पॉजिटिव गर्भवती महिलाएं भर्ती हुईं। जिनमें से 301 की सुरक्षित डिलीवरी करवाई गई, इनमें 160 सिजेरियन थीं। बाकी अन्य कारणों से भर्ती हुई थीं, जिन्हें छुट्टी दे गई थी। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। विभाग के डॉक्टरों का दावा है कि मध्यभारत में संचालित सभी मेडिकल कॉलेजों की तुलना में आंबेडकर अस्पताल में सर्वाधिक कोरोना पॉजिटिव गर्भवतियों के बच्चों की किलकारियां गूंजीं।

विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल ने बताया कि यह एक ऐसा विभाग है जहां आप मरीज को यह नहीं कह सकते है कि बाद में आना। या आप प्रसव टाल नहीं सकते। यही वजह है कि आपको 24 घंटे मुस्तैद रहना होता है। मई से लेकर अक्टूबर तक स्त्रीरोग विभाग में 3 हजार से भी अधिक डिलीवरी हो चुकी है। पहले 750 डिलीवरी हर महीने औसतन हो रही थी, मगर कोरोना काल में अकेले सितंबर में ही कोविड एवं नॉन कोविड को मिलाकर 1000 प्रसव हुए हैं। वहीं रोजाना भर्ती होने वाले नये मरीजों की संख्या 40 से 50 तक होती है। गौरतलब है कि आंबेडकर अस्पताल को कोविड१९ हॉस्पिटल बनाने के दौरान स्त्रीरोग विभाग को पंडरी जिला अस्पताल में शिफ्ट करवाया गया, तब से विभाग पंडरी में संचालित है। यहां ओपीडी, आईपीडी और डिलीवरी की जा रही हैं।

स्त्री रोग विभाग की टीम

विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योति जायसवाल के साथ डॉ. रूचि किशोर, डॉ. अविनाशी कुजूर, डॉ. आभा डहरवाल, डॉ. किरण अग्रवाल, डॉ. स्मृति नाइक,डॉ. अंचला महिलांग, डॉ. नेहा ठाकुर, डॉ. सुमा एक्का, डॉ. अंजुम खान, डॉ. श्वेता ध्रुव, डॉ. नीलम सिंह, डॉ. माधुरी ठाकुर और डॉ. मीनू केशकर शामिल हैं।
कोई भी डॉक्टर नहीं हुआ संक्रमित

कोरोना संक्रमित गर्भवती की डिलीवरी करवाते वक्त कोरोना के स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) का पूरा पालन किया गया। यही वजह है कि सुरक्षित डिलीवरी हुई। स्त्रीरोग विभाग के डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भी वायरस से सुरक्षित रहे। जानकारी के मुताबिक कोरोना संक्रमितों के लिये अलग से ऑपरेशन थियेटर (ओटी) की व्यवस्था की गई है।

24 घंटे सेवा जारी
स्त्रीरोग विभाग के 2 कंसलटेंट, 11 रेसीडेंट, 2 स्टाफ नर्स और 4 मेडिकल सपोर्टिव स्टाफ संक्रमित हुए। उन्हें संक्रमण ओपीडी, आईपीडी, ओटी कहां मिला यह पता नहीं। मगर, इस दौरान 24 घंटे दी जाने वाली सेवाएं निरंतर जारी हैं।

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