नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रेल लाइन बिछाने सरकार देगी 3200 पेड़ों की बली

धुर माओवाद प्रभावित इलाके में बिछाई जा रही रेललाइन के लिए करीब 95 किमी तक वृक्षों को काटा जाना है

By: Deepak Sahu

Published: 10 Jan 2019, 03:28 PM IST

रायपुर. सरकार के महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट रावघाट रेललाइन के लिए करीब 3262 वृक्षों की कटाई होगी। केंद्र सरकार से स्वीकृत मिलने के बाद वन विभाग के अधिकारी इसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं। धुर माओवाद प्रभावित इलाके में बिछाई जा रही रेललाइन के लिए करीब 95 किमी तक वृक्षों को काटा जाना है। यह कटाई भानुप्रतापपुर और नारायणपुर वनपरिक्षेत्र में होगी।

वन विभाग ने वृक्षों की कटाई के लिए निविदा जारी की है। निविदा की सारी प्रक्रिया होने के बाद संबंधित फर्म नियमानुसार फरवरी के बाद इसकी कटाई शुरू करेगी। कटाई करने वाली फर्म के मजदूरों आदि की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।

235 किमी का कॉरीडोर
दल्लीराजहरा से रावघाट और जगदलपुर तक करीब 235 किमी रेललाइन बिछाई जानी है। इस रेल कॉरीडोर को वर्ष 2025 तक पूरा किया जाना है। इसमें दल्लीराजहरा से रावघाट तक 95 किमी और जगदलपुर की ओर से रावघाट तक 140 किमी दूरी है। बता दें कि प्रथम चरण में दल्लीराजहरा से गुदुम और दूसरे चरण में नारायणपुर तक ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इस मार्ग पर दो यात्री ट्रेनें चल रही हैं।

सुरक्षा के व्यापक प्रबंध: बस्तर के आइजी विवेकानंद सिन्हा ने बताया कि रेललाइन के निर्माण कार्य में लगे सभी कर्मचारियों को पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। वहीं वन विभाग ने निविदा शर्तों में माओवाद प्रभावित भानुप्रतापपुर से नारायणपुर वनमंडल में कटाई के दौरान सभी मजदूरों की सुरक्षा का ध्यान रखने कहा गया है। साथ ही उनका बीमा कराने और श्रम विभाग के नियमों का पालन करने की शर्तों को भी शामिल किया गया है।

दोगुने पौधे लगाएंगे
कांकेर वनवृत के मुख्य वन संरक्षक प्रेमकुमार ने बताया कि रावघाट रेल परियोजना के तीसरे चरण के लिए 3262 वृक्षों की कटाई की जाएगी। इसके लिए वन विभाग की ओर से निविदा जारी की गई है। विभाग की ओर से कटाई के बाद उनकी संख्या से दोगुना पौधे लगाए जाएंगे।

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