छत्तीसगढ़ का सियासी संकट: दिल्ली से वापस रायपुर पहुंचे 35 विधायक, बोले- सब ठीक है

पितरपक्ष समाप्त होने से पहले आखिरकार दिल्ली गए करीब 35 विधायकों की रायपुर वापसी हो गई है। दिल्ली में लामबंद होने के लिए अधिकांश विधायक अलग-अलग दिल्ली गए थे, लेकिन वापसी एक ही फ्लाइट से हुई।

By: Ashish Gupta

Updated: 04 Oct 2021, 10:30 PM IST

रायपुर. पितरपक्ष समाप्त होने से पहले आखिरकार दिल्ली गए करीब 35 विधायकों की रायपुर वापसी हो गई है। दिल्ली में लामबंद होने के लिए अधिकांश विधायक अलग-अलग दिल्ली गए थे, लेकिन वापसी एक ही फ्लाइट से हुई। वापसी के बाद विधायकों के चेहरों पर संतुष्टि और खुशी का भाव था। विधायकों ने यह भी कहा कि सब ठीक है। अब दोबारा दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी।

हालांकि सभी विधायक हमेशा से एक बात दोहरा रहे थे कि वो व्यक्तिगत काम से गए थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) ने भी विधायकों के पक्ष में कहा था कि विधायकों के दौरे को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखना चाहिए। खास बात यह रही कि दिल्ली में विधायकों की पार्टी के किसी भी शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात नहीं हो सकी। बताया जाता है कि विधायकों ने कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने टेलीफोन पर बात जरूर की है।

दिल्ली से वापस लौटे विधायक बृहस्पत सिंह ने कहा, विधायक सैर सपाटा और अपने निजी कामों से दिल्ली गए थे। जब दिल्ली जाते हैं, तो अपने नेताओं से भी मिलते हैं, लेकिन नेता लोग दिल्ली में नहीं थे। आने के बाद मिलेंगे। मुख्यमंत्री बदले जाने वाले सवाल पर सिंह ने कहा, दूर-दूर तक ऐसी कोई बात नहीं है। हम सभी प्रियंका गांधी, राहुल गांधी और प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया के मार्गदर्शन में काम कर रहे हैं। सभी विधायक एक हैं।

डॉ. विनय जायसवाल ने कहा, कभी-कभी परिस्थितियां ऐसी होती है, हम एक साथ जाते हैं। कभी-कभी एक साथ जाने का मन होता। यह सब चलते रहता है। विनोद चंद्राकर ने कहा, विधायकों की आलाकमान से मुलाकात की कभी कोई योजना बनी ही नहीं थी। देर रात तय हो गया था, कि रायपुर लौट जाना है।

सीएम से नहीं हुई मुलाकात
उत्तर प्रदेश प्रवास टलने के बाद मुख्यमंत्री दोपहर को छत्तीसगढ़ सदन पहुंचे। विधायकों को उम्मीद थी कि उनकी मुलाकात होगी, लेकिन मुख्यमंत्री किसी भी विधायक से नहीं मिले। उसके बाद विधायक हवाई अड्‌डे के लिए रवाना हो गए।

विक्ट्री साइन दिखाकर जताई खुशी
दिल्ली हवाई अड्‌डे पर बोर्डिंग के बाद विधायकों ने विक्ट्री साइन बनाकर फोटो खिंचवाया। राजनीतिक लिहाज से इसके कई मायने निकाले जा रहे हैं। कल ही एक विधायक ने कहा था कि अब आगे कुछ नहीं होगा। सब मामला सुलझ गया है। बता दें कि मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश का मुख्य पर्यवेक्षक बनाए जाने के बाद विधायकों को जो संकेत मिले थे, उसके बाद ही उन्होंने रायपुर वापसी का फैसला लिया था।

यह भी पढ़ें: सोनिया और राहुल पर दबाव बनाने भेजे गए है विधायक, लखीमपुर खीरी की घटनाक्रम पर जमकर चल रही राजनीति

यह भी पढ़ें: CM भूपेश दिल्ली रवाना, अब सड़क मार्ग से जाएंगे लखीमपुर, बोले- क्या यूपी में लोगों के साथ खड़े होने पर रोक है

Show More
Ashish Gupta
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned