डेंगू से अब तक हो चुकी 39 मौतें, लेकिन सरकारी आकड़ों में सिर्फ 8 की मौत

डेंगू से अब तक हो चुकी 39 मौतें, लेकिन सरकारी आकड़ों में सिर्फ 8 की मौत

Deepak Sahu | Publish: Sep, 04 2018 10:26:09 AM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

दुर्ग-भिलाई सहित प्रदेशभर के हजारों लोग हलाकान हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग मौत के सटीक आंकड़े तक नहीं दे पा रहा है।

रायपुर. डेंगू के फैले प्रकोप से दुर्ग-भिलाई सहित प्रदेशभर के हजारों लोग हलाकान हैं, वहीं स्वास्थ्य विभाग मौत के सटीक आंकड़े तक नहीं दे पा रहा है। विभाग की ओर से एलाइजा जांच में पॉजिटिव आए मरीजों की मौत के बावजूद वजह जानने की कवायद की जा रही है। एेसे में दुर्ग-भिलाई में ही 39 लोगों की मौत के बाद भी सरकारी आंकड़ा 8 पर ही पहुंच पाया है।

वहीं, 3 हजार से ज्यादा लोग अब भी इसका दंश झेल रहे हैं और 3 हजार से ज्यादा मरीज अस्पतालों में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, जिनमें 18 गंभीर स्थिति में हैं। स्वास्थ्य संचालनालय से 30 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार महज 32 मरीजों की मौत डेंगू से होने की संभावना है। जिसमें 8 कंफर्म और 24 संभावित हैं, जिनकी मौत की जांच विभाग की तरफ से कराई जा रही है। इस पर आयुक्त का कहना है, कि मरीजों की मौत के बाद उनकी केस हिस्ट्री जांच कर अंतिम तौर पर डेंगू से मौत होने की पुष्टि की जाएगी। साथ ही वर्तमान में सभी अधिकारी हालात पर नियंत्रण करने में व्यस्त हैं, जिस वजह से मौतों की जांच और रिपोर्ट में विलंब की बात कही जा रही है।

बारिश थमी, फिर भी खाली प्लाटों और मैदानों में भरा पानी
बारिश को थमे एक सप्ताह हो गए, लेकिन अभी भी शहर के अधिकांश इलाकों के खाली प्लाटों और मैदानों में बारिश का पानी भरा हुआ है। क्षेत्र के लोगों द्वारा निगम अधिकारियों से शिकायत करने बावजूद अभी तक खाली प्ल्ॉाटों और मैदानों में भरे पानी को निकालने की व्यवस्था नहीं की गई है। नतीजा क्षेत्र में मच्छरों का प्रकोप बढऩे लगा है। साथ ही खाली प्लॉटों और मैदान में भरे पानी में मच्छरों का लार्वा पनपने लगा है।

नहीं हो रही फाङ्क्षगग और एंटी लार्वा का छिडक़ाव
नगर निगम के जोन के अधिकारी-कर्मचारी इतने अधिक बेपरवाह हो गए हैं कि फोन करने के बावजूद न तो फाङ्क्षगग कराते और न ही एंटी लार्वा दवा का छिडक़ाव करने के लिए कर्मचारी भेजते हैं।

जबकि खुद अधिकारियों ने जोन स्तर पर फाङ्क्षगग के लिए रोस्टर बनाया है। इस रोस्टर के अनुसार ही फागिंग नहीं की जाती है, जबकि रजिस्टर में फागिंग होने का उल्लेख किया जाता है। इसी तरह एंटी लार्वा दवा का छिडक़ाव भी महीने में एकाध बार ही की जाती है, वो भी निगम के आला अधिकारियों को फोन करने पर ।

यहां भरे हैं खाली प्लाट और मैदानों में पानी
प्रोफेसर कॉलोनी, तेलीबांधा, अवंति विहार, खमतराई, टाटीबांध, सरोना, चौरसिया कॉलोनी, मठपुरैना, भाठागांव, चंगोराभाठा, कुशालपुर, रायपुरा, डंगनिया, डीडी नगर, कोटा, गुढि़यारी, भनपुरी, शिवानंद नगर, खम्हारडीह, शंकर नगर आदि क्षेत्रों में खाली प्लाटों और मैदानों में पिछले एक सप्ताह से बारिश का पानी भरा हुआ है।

भिलाई का वायरस रायपुर में भी
दुर्ग-भिलाई से आइसीएमआर जबलपुर भेजे गए सिरम के सैंपलों में डेंगू के डी-2, डी-3 व मिक्स वायरस की पुष्टि की गई थी। जिसके बाद राजधानी में भी बढ़ रहे प्रकरणों को देखते हुए, यहां से भी लगभग 50 पॉजिटिव मरीजों के सैंपल जबलपुर भेजे गए, जिसमें इन्हीं वायरस की मौजूदगी पाई गई है। हालांकि राजधानी में इसका प्रभाव कम है, जिसकी वजह से लगभग सभी मरीज 8-10 दिनों के भीतर ही ठीक हो जा रहे हैं और अबतक सिर्फ एक महिला की ही इससे मौत हुई है।

आंकड़े एक नजर में (30अगस्त तक)
भर्ती मरीज 3522
डिस्चार्ज मरीज 2745
दुर्ग से बाहर रेफरल 185
गंभीर मरीज 18
मृत्यु 32(8कंफर्म, 24संभावित)

 

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