2020 में खून से लाल हुई छत्तीसगढ़ की सड़कें, एक साल में 4017 लोगों की गई जान

- 2020 में छत्तीसगढ़ में 4017 लोगों की गई जान, दुर्घटनाजन्य स्थलों का नए सिरे होगा निर्धारण
- कवायद: नेशनल हाईवे पर राज्य पुलिस के अधिकारी स्थानीय प्रशासन के करेंगे निरीक्षण

By: Ashish Gupta

Published: 04 Jan 2021, 12:44 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ की सड़कों में सर्वाधिक दुर्घटनाजन्य स्थलों को जल्दी ही नए सिरे से चिन्हांकित किया जाएगा। लगातार बढ़ रहे हादसों को देखते हुए राज्य पुलिस के अधिकारी इसकी कवायद में जुटे हुए है। इसके लिए 2018 से 2020 के बीच सभी 28 जिलों के राजमार्ग और राष्ट्रीय राजमार्गो पर हुए दुर्घटनाजनित स्थानों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही उसके संभावित कारणों को तलाशा जाएगा। इसके लिए राज्य पुलिस पीडब्ल्यूडी, स्थानीय जिला प्रशासन के साथ नेशनल हाईवे पर सड़कों का निरीक्षण करेगी।

इसके आधार पर नए संभावित ब्लैकस्पॉट का निर्धारण किया जाएगा। उन्हें सुधारने के लिए तुरंत ही सड़कों को सुधारने, यातायात को अवरुद्ध करने वाले होर्डिंग एवं वृक्षों को हटाने, लाइट और ट्रैफिक संकेतक लगाने संबंधित विभागों को निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही ठीक किए जा चुके ब्लैकस्पॉट को नई सूची से हटाया जाएगा। बता दें कि 2017 से 2019 के बीच हुए हादसों के आधार पर इस समय राज्य की सड़कों पर कुल 130 ब्लैकस्पॉट है। इनका निर्धारण प्रत्येक तीन वर्ष के दुर्घटनाजन्य स्थानों के आधार पर किया जाता है।

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राजनांदगांव में सर्वाधिक ब्लैकस्पॉट
राज्य पुलिस ने 2017 से 2019 के बीच हुए दुर्घटना के आधार पर राजनांदगांव जिले में सबसे अधिक 14 ब्लैकस्पाट को चिन्हाकित किया है। इसी तरह सरगुजा, मुंगेली में 9-9, रायपुर और रायगढ़ में 8-8, कबीरधाम, कोरिया में 7-7, कोरिया, बिलासपुर, सूरजपुर में 6-6, कांकेर, बालोद, धमतरी, महासमुंद में 5-5 और अन्य जिलों में 1 से 4 ब्लैकस्पाट है। इन सभी को चिन्हांकित करने के बाद उसमें सुधार कार्य भी किए गए है। साथ ही वहां हाइवे पेट्रोलिंग की टीम को तैनात भी किया गया था।

2020 में 4017 लोगों की गई जान
राज्य में जनवरी से दिसंबर 2020 के दौरान 4017 लोगों सड़क दुर्घटना में अपनी जान गंवानी पड़ी है। इस दौरान करीब 12000 सड़क हादसे हुए और 10000 से अधिक लोग घायल हुए। राज्य पुलिस के आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सबसे अधिक 75 फीसदी हादसे ब्लैकस्पॉट में हुए है। इसे देखते हुए पुलिस मुख्यालय की टीम ने लगातार निरीक्षण भी किया। साथ ही इसकी रिपोर्ट संबंधित विभागों को भेजकर सुधारने के निर्देश दिए थे। बता दें कि लाकडाउन खुलने के बाद अक्टूबर में 385, नवंबर में 408 और 15 दिसंबर तक 76 लोगों की मौत हो चुकी है।

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ब्लैकस्पॉट का होगा निर्धारण
स्पेशल डीजी योजना एवं प्रबंध आरके विज ने कहा, ब्लैकस्पाट का निर्धारण पिछले तीन वर्षो के आकड़ों के आधार पर किया जाता है। अधिकांश पुराने ब्लैकस्पॉट को ठीक करने के बाद नए सिरे से इसका चिन्हांकन किया जाएगा। इसके लिए दुर्घटनाजन्य स्थानों की समीक्षाकर संबंधित विभागों से साथ स्थल निरीक्षण किया जाएगा।

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