साल के सबसे बड़े नक्सल हमले की पूरी कहानी, नक्सलियों के जंगल में बिछाए जाल में फंस गए जवान

आज सर्चिंग के दौरान मीनपा के जंगलों में शहीद जवानो के शव बरामद किये गए। नक्सली उनके हथियार और अन्य उपकरण भी लूट ले गए थे।

By: Karunakant Chaubey

Published: 22 Mar 2020, 04:11 PM IST

रायपुर. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले के चिंतागुफा पुलिस थाना क्षेत्र के कसालपाड़ और मिनपा के बीच नक्सलियों ने सुरक्षाबल के जवानों पर हमला कर दिया में कल शनिवार दोपहर को हुए मुठभेड़ में 17 जवान शहीद हो गए हैं।

दोपहर लगभग ढाई बजे बड़ी संख्या में नक्सलियों ने जवानों को घेर कर हमला कर दिया। लगभग तीन घंटे तक चले इस मुठभेड़ के बाद नक्सली पीछे हट गए और वाहन से फरार हो गए। इस मुठभेड़ के बाद 17 जवानो की एक टुकड़ी लापता हो गयी। देर रात तक चली छानबीन में भी उनका पता नहीं लगाया जा सका था।

आज सर्चिंग के दौरान मीनपा के जंगलों में शहीद जवानो के शव बरामद किये गए। नक्सली उनके हथियार और अन्य उपकरण भी लूट ले गए। शहीद जवानो को कैम्प लाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीँ इस हमें में घायल 14 जवानो को रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिनमें से दो जवानो की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।

नक्सलियों ने बिछाया था जाल

बताया जा रहा है की नक्सलियों ने साजिश के तहत बिना किसी तरह की हरकत किये उन्हें कसालपाड़ के आगे तक गए घने जंगल में आने दिया और शाम को जब वह लौट रहे थे तभी कसालपाड़ से कुछ दूर कोराज डोंगरी के पास जवानो को घेर लिया।

नक्सली पहले से ही वहां मौजूद पहाड़ों पर चढ़ गए थे और वहीं से जवानो पर धावा बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में जवानो को सम्भले का मौका ही नहीं मिला।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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