आखिर क्यों बेटी की डेड बॉडी को गोद में लेकर अस्पताल में बैठ गया पिता, जानिए वजह

आखिर क्यों बेटी की डेड बॉडी को गोद में लेकर अस्पताल में बैठ गया पिता, जानिए वजह

Chandu Nirmalkar | Publish: Sep, 07 2018 07:32:14 PM (IST) Raipur, Chhattisgarh, India

आखिर क्यों बेटी की डेड बॉडी को गोद में लेकर अस्पताल में बैठ गया पिता, जानिए वजह

रायपुर/भिलाई. 6 साल की मासूम पीहू की खिलखिलाने की आवाज अब उसके मां-बाप नहीं सुन पाएंगे। डॉक्टरों ने जब मासूम बेटी की मौत के बारे में बताया तो मां बेसुध हो गई। इस खबर से पिता का भी सीना फट गया। जब मासूम पीहू का शव उनके सामने लाया गया तो पिता का दर्द छलक पड़ा। अस्पताल में ही फूट-फूट कर रोने लगे। इसके बाद बेबस पिता बेटी की डेड बॉडी को गोद में लेकर अस्पताल में ही धरने पर बैठ गया। जानिए वजह..

 

दरअसल छत्तीसगढ़ में डेंगू से आज फिर एक मासूम बच्ची की मौत हो गई। इस मामले में भी डॉक्टरों की लापरवाही सामने आई है। 6 साल की मासूम पीहू की मौत के बाद उनके परिजनों ने शव को गोद में लेकर सुपेला स्थित लाल बहादुर शास्त्री सरकारी अस्पताल में प्रदर्शन किया। इस दौरान युवक कांग्रेस के पदाधिकारी भी वहां पहुंचे और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों की मांग थी कि डॉ सान्याल के खिलाफ कारवाई की जाए।

नर्स कहते हैं थर्मामीटर और दवाई घर से क्यों नहीं लाए..
उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनकी बेटी पीहू के इलाज में लापरवाही बरती। यहां तक कि नर्स ने यह कह दिया कि वह थर्मामीटर और दवाई घर से क्यों नहीं लाए। पीहू के पिता संजय यादव ने कहा कि उसकी बेटी का केस पूरी तरह बिगडऩे के बाद डॉक्टरों ने सेक्टर 9 हॉस्पिटल रेफर किया। अगर पहले ही वहां भेज देते तो शायद मेरी बेटी जिंदा होती। इस विरोध प्रदर्शन को देख अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दी। अस्पताल की सूचना पर सीएसपी वीरेंद्र सतपती वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाया। पुलिस के समझाने के बाद मामला शांत हुआ और परिजनों शव को लेकर घर लौटे।

पांच दिन पहले आया था बुखार
डेंगू ने फिर एक नन्ही परी की जान ले ली। संग्राम चौक केंप 1 निवासी संजय यादव की सबसे छोटी बेटी पीहू ने शुक्रवार की सुबह बीएसपी सेक्टर 9 अस्पताल में दम तोड़ा। पीहू को गुरुवार सुबह सुपेला अस्पताल से सेक्टर 9 अस्पातल रेफर किया गया था। परिजनों का आरोप है कि एंबूलेंस में ही पीहू की तबीयत बिगड़ गई थी और वह सेक्टर 9 पहुंचने के 24 घंटे के बाद ही चल बसी। डेंगू से शहर में 41 वीं मौत है। पीहू की मौत के बाद मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है। सुबह से ही घर पर भीड़ लग चुकी थी और परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।

डेंगू पॉजीटिव आया तो लाए थे अस्पताल
पीहू को 3 सिंतबर से ही बुखार आ रहा था। परिजनों ने पहले उसे घर के नजदीक के लैब में उसका ब्लड टेस्ट कराया। जब डेंगू पॉजीटिव आया तो लैब वालों ने तत्काल सुपेला के शासकीय अस्पताल भेजा। यहां पर उसे तीन दिन दाखिल रखा गया था। पीहू के बड़े पापा शिव सागर ने बताया कि सुपेला अस्पताल में इलाज तो किया गया पर उसकी तबीयत में सुधार नहीं आया। तब सुपेला अस्पताल वालों ने ही सेक्टर 9 रेफर किया।

Ad Block is Banned