लॉकडाउन में मुफ्त का चना पसंद नहीं आया, प्रदेश की राशन दुकानों में छह महीने से सड़ रहा है 7 करोड़ का चना

लापरवाही: खाद्य विभाग का ध्यान नहीं

By: Nikesh Kumar Dewangan

Updated: 23 Feb 2021, 07:22 PM IST

रायपुर. लॉकडाउन के दौरान मुफ्त में बंटने वाला चना भी कार्डधारियों को पसंद नहीं आया। जिसका नतीजा यह है कि प्रदेश की राशन दुकानों में बीते छह माह से 14 हजार क्विंटल चना चूहे खा रहे हैं। भारी मात्रा में घुन लग चुका है। जिसकी कीमत 7 करोड़ 28 लाख बताई जा रही है। इस ओर खाद्य विभाग का ध्यान नहीं है।

लॉकडाउन के दौरान अपैल माह से नवंबर तक प्रति कार्डधारी को 1 किलो चना वितरण करना था। जिसमें से राज्य और केंद्र सरकार के द्वारा अलग-अलग वितरण किया गया था। राट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (एनएफएसए) के अंतर्गत आने वाले कार्डधारियों को केंद्र की तरफ से 1 किलो चना दिया गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने भी बीपीएल कार्डधारियों को 1 किलो चना वितरण करवाने के लिए राशन दुकानों को दिया था। जिसका वितरण अप्रैल माह से नवंबर तक किया गया, जो कार्डधारी मुफ्त का चना लेने भी नहीं पहुंचे वह अब भी राशन दुकानों में सड़ रहा है।

यह है ऑनलाइन रिपोर्ट

ऑनलाइन मॉनटिरिंग सिस्टम के मुताबिक सिर्फ रायपुर शहर में राज्य सरकार का 245 क्विंटल और केंद्र सरकार 265 क्विंटल चना पड़ा हुआ है। इसी तरह प्रदेश के 28 जिलों में राज्य सरकार का तकरीबन 6 हजार क्विंटल और केंद्र सरकार का 8 हजार क्विंटल प्रदेश के तकरीबन 12 हजार राशन दुकानों में चना पड़ा हुआ है। इसकी जानकारी खाद्य विभाग के अधिकारी किसी भी वक्त ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। इसके बाद भी तीन माह से बेकार पड़े हुए चना का क्या करना है को सुध नहीं ले रहा है।

इसलिए दुकानदारों ने समय के बाद नहीं किया वितरण

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत नियम है कि किसी भी कार्डधारी को बिना शासन आदेश के बीते माह का बकाया वितरण नहीं किया जा सकता। यह वितरण की जानकारी भी पीडीएस के सर्वर में नहीं रहती। इसलिए दुकानदार बकाया चना वितरण नहीं कर पा रहे हैं।

नहीं मिली मैनुअल वितरण की छूट

अपै्रल, मई और जून माह का जो कार्डधारी चना नहीं ले पाए थे। उनके लिए माह जुलाई में मैनुअल वितरण की छूट दी गई थी। इसके बाद विभाग नें मैनुअल वितरण की छूट नहीं दी इस वजह से राशन दुकानों चना बचा हुआ है।

रायपुर कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने बताया कि खाद्य अधिकारियों को बचे हुए चने का सत्यापन करने के लिए आदेश दिए जाएंगे। वितरण के लिए मुख्यालय को पत्राचार किया जाएगा।

पीडीएस संघ के अध्यक्ष नरेश बाफना ने बताया कि नवंबर माह से वितरण बंद है। प्रशासन चाहे तो मेन्युअल वितरण का आदेश जारी कर सकता है। जिससे जो चना बचा हुआ वह खराब होने से बच सके।

Nikesh Kumar Dewangan Desk
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