लॉक डाउन में फंसे बच्चों समेत 70 मजदूर

ठेकेदार ने भी खड़े किए हाथ, दो दिन का राशन शेष

By: lalit sahu

Published: 27 Mar 2020, 08:21 PM IST

रायपुर. कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए देश को सरकार ने लॉक डाउन कर दिया है। ऐसे में जो जहां है वहीं फंस गया। कांकेर जिले का भी ऐसा ही कुछ हाल है। शासकीय बिल्डिंग तैयार करने दूसरे जिलों के तकरीबन 56 मजदूर और बच्चों समेत कुल 70 लोग लॉक डाउन की वजह से यहां फंस गए हैं। इन मजदूरों के पास महज दो दिनों का ही राशन बचा है। मजदूरों और उनके बच्चों के भोजन इत्यादि की व्यवस्था से ठेकेदार ने भी हाथ खड़े कर दिए हैं।

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गुजर-बसर के लिए कुछ भी नहीं बचा है
ये मजदूर मुंगेली और बेमेतरा जिले के रहने वाले हैं। वे यहां इमलीपारा में प्रयास आवासीय विद्यालय छात्रवास भवन का निर्माण कार्य कर में लगे हुए हैं। लॉक डाउन की वजह से यहां इन मजदूरों की स्थिति अब ऐसी हो गई है कि इनके पास जितना पैसा बचा था उससे उन्होंने राशन खरीद तो लिया लेकिन अब आगे गुजर-बसर के लिए उनके पास कुछ भी नहीं बचा है। ठेकेदार खाते में पैसा डालने की बात कह कर अपना पल्ला झाड़ रहा है। इन मजदूरों को न तो खाता संख्या की जानकारी है और ना ही उनके पास एटीएम ही है।

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दो जून की रोटी की व्यवस्था कर दें
बड़ी दुविधा में फंसे ये मजदूर अब अपने घर तो जाना चाहते हैं लेकिन लॉक डाउन की वजह से गाडिय़ां बंद होने की वजह से वे वापस जा भी नहीं पा रहे हैं। इन मजदूरों की शासन-प्रशासन से सिर्फ एक ही मांग है कि उनके और उनके परिवार के लिए दो जून की रोटी की व्यवस्था कर दें। हालांकि कलेक्टर केएल चौहान ने कहा था कि वे टीम भेजेंगे और उनके लिए राशन की व्यवस्था कराई जाएगी।

lalit sahu Desk
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