कोरोना से जंग जीतने के बाद फफक कर रोने लगे 73 साल के बुजुर्ग, नर्सों ने कहा- बाबूजी ख्याल रखियेगा अपना

एम्स पर सरकार और प्रदेश की जनता को पूरा भरोसा है। यहां अब तक 36 मरीजों में से 34 को भर्ती करवाया गया है। कोरबा के सभी 27 मरीज यहां भर्ती हुए हैं। इनमें से बस 11 बचे हैं, जो धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं। एम्स सफलता और कोरोना के संपूर्ण इलाज की गारंटी बन गया है।

By: Karunakant Chaubey

Published: 18 Apr 2020, 10:00 PM IST

रायपुर. यूं हीं नहीं डॉक्टरों को धरती का भगवान कहा जाता है। डॉक्टर ही हैं जो जीवन बचाते हैं। आज एम्स के डॉक्टर ऐसी ही मिशाल पेश कर रहे हैं। कोरोना मरीजों को ठीक करने के लिए घर-परिवार से दूर रहकर अपना दिन-रात एक कर रहे हैं। शनिवार को एम्स से 73 साल के कटघोरा निवासी बुजुर्ग को छुट्टी दे दी गई, जो कोरोना पॉजिटिव थे। जब उन्हें छुट्टी दी गई तो आईसोलेशन वार्ड के डॉक्टर, नर्स और अन्य स्टॉफ उनके साथ बाहर तक आए। डॉ. अतुल जिंदल ने उनसे पूछा, आपको कोई परेशानी लगी यहां पर। बुजुर्ग ने कहा- नहीं, कोई परेशानी नहीं हुई। और फिर वे भावुक हो उठे। ऐसा लग रहा था मानो वे अपने आंसू के जरिए डॉक्टरों का आभार व्यक्त कर रहे हों।

डॉ. जिंदल ने कहा- ठीक है बाबूजी अपना ध्यान रखिएगा। इतना कहते ही बुजुर्ग ने दोनों हाथ जोड़कर पूरे स्टॉफ को धन्यवाद कहा। वे धन्यवाद कहते रूक नहीं रहे थे, मानो उन्हें नया जीवन मिला हो। उन्होंने अपना बैग उठा और जैसे ही चलना शुरू किया कि सभी स्टाफ ने ताली बजानी शुरू कर दी। यह देखकर बुजुर्ग भावुक से दिखे।

अब नर्सों ने कहा- बाबूजी ध्यान रखिएगा। बुजुर्ग ने फिर कहा धन्यवाद। यह दो जीत की खुशी थी। एक डॉक्टरों की जिन्होंने बुजुर्ग को वायरस मुक्त किया, दूसरा बुजुर्ग की जो सकुशल अपने घर लौट रहे हैं। डॉक्टर हमारे लिए आज सबसे बड़े कोरोना वारियर हैं, उन्हें पूरा सम्मान दें। क्योंकि वे अपनी जान जोखिम में डालकर हमारी-आपकी जान बचा रहे हैं। वरना कोरोना तो जान लेने पर तुला हुआ है।

रोते हुए बुजुर्ग बोले- 'एम्स के बारे में कहना चाहता हूं कि यहां सेवा भावना ज्यादा है। छोटे से बड़े कर्मचारी, अफसर सेवा भावना से काम करते हैं। इतना कहते-कहते वे दो बार रोए। डॉ. जिंदल उनके पास पहुंचे। उन्हें धीरज बंधाया। समझाया। बुजुर्ग बेहद भावुक हो उठे। फिर रोने लगे। फिर कुछ बोल ही नहीं पाए।

सफलता की गारंटी बना एम्स- एम्स पर सरकार और प्रदेश की जनता को पूरा भरोसा है। यहां अब तक 36 मरीजों में से 34 को भर्ती करवाया गया है। कोरबा के सभी 27 मरीज यहां भर्ती हुए हैं। इनमें से बस 11 बचे हैं, जो धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं। एम्स सफलता और कोरोना के संपूर्ण इलाज की गारंटी बन गया है।एम्स पर सरकार और प्रदेश की जनता को पूरा भरोसा है। यहां अब तक 36 मरीजों में से 34 को भर्ती करवाया गया है। कोरबा के सभी 27 मरीज यहां भर्ती हुए हैं। इनमें से बस 11 बचे हैं, जो धीरे-धीरे रिकवर कर रहे हैं। एम्स सफलता और कोरोना के संपूर्ण इलाज की गारंटी बन गया है।

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Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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