कोरोना काल: एक दिन में सर्वाधिक 13 और 14 दिन में 76 लोगों की जान ले गया वायरस

स्थिति यह है कि एक दिन में 8-8, 10-10 लोगों की जान जा रही है। इनमें से अधिकांश लोग शहरी क्षेत्रों में रहने वाले हैं, बावजूद इसके उन्हें नहीं बचाया जा सका। शुक्रवार को एक-दो, 10 नहीं बल्कि 13 लोगों की मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की।

By: Karunakant Chaubey

Updated: 14 Aug 2020, 10:49 PM IST

रायपुर. प्रदेश में कोरोना वायरस अब लोगों की जान का दुश्मन बनता जा रहा है। आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि अगस्त के 14 दिनों में 76 लोग इस बीमारी से लड़ते हुए जिंदगी की जंग हार गए। स्थिति यह है कि एक दिन में 8-8, 10-10 लोगों की जान जा रही है। इनमें से अधिकांश लोग शहरी क्षेत्रों में रहने वाले हैं, बावजूद इसके उन्हें नहीं बचाया जा सका। शुक्रवार को एक-दो, 10 नहीं बल्कि 13 लोगों की मौत की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की।

इनमें से अकेले 10 मृतक रायपुर के रहने वाले हैं। अब एक-एक मौत सरकार पर भारी पड़ रही है। क्योंकि मौतों का आंकड़ा इस पूरे कोरोना काल में १३० जा पहुंचा है। खुद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव कह चुके हैं कि यह सबसे बड़ी चिंता है। मगर, सवाल यह है कि ये आंकड़े रूकेंगे कैसे?

शुक्रवार को जारी हुई रिपोर्ट में हमेशा की तरह से एक बार फिर रायपुर से सर्वाधिक 142 मरीज। इसके बाद दुर्ग, रायगढ़ और कोरबा से। स्थिति यह है कि प्रदेश के सभी जिलों से मरीज मिल रहे हैं। मगर, रायपुर के बाद अब दुर्ग और राजनांदगांव में संक्रमित मरीजों की संख्या एक हजार का आंकड़ा पार कर चुकी है। प्रदेश में संक्रमित मरीजों की संख्या 14481 जा पहुंची है।

शुक्रवार को इनकी मौत : रायपुर से 10- अभनपुर से (38 वर्ष) पुरानी बस्ती से (40 वर्ष), शिवनगर चंगोराभाठा से (46 वर्ष), बंजारी रोड से (50 वर्ष), सुंदर नगर से (53 वर्ष) गांधी नगर से (64 वर्ष), श्याम नगर से (64 वर्ष), टाटीबंध से (65 वर्ष) तेलीबांधा से (65 वर्ष), कटोरा तालाब से (70 वर्ष)। दुर्ग से 2- पॉवर हाउस भिलाई से (65 वर्ष), आमदी हुडको भिलाई (63 वर्ष)। बस्तर से 1- बीजपुर से (35 वर्ष)

अगस्त में मौतों का आंकड़ा-

1 अगस्त- 1, 2 अगस्त- 3, 3 अगस्त- 3, 4 अगस्त- 8, 5 अगस्त- 2, 6 अगस्त- 6, 7 अगस्त- 10, 8 अगस्त- 3, 9 अगस्त- 6, 10 अगस्त- 3, 11 अगस्त- 5, 12 अगस्त- 5, 13 अगस्त- 8, 14 अगस्त- 8 (कुल- 71)

मौत के प्रमुख तीन कारण-

अगस्त में जिन मरीजों की मौत हुई, उनमें से अधिकांश को सांस लेने में समस्या की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जिनमें ऑक्सीजन लेवल 94 प्रतिशत से नीचे रिपोर्ट हुआ। इसे ब्रेथलेसनेस कहा जाता है। यह वर्तमान में सबसे प्रमुख कारण बना हुआ है। इस कारण से हर आयुवर्ग के लोग प्रभावित हैं। इसके अलावा अचानक से आया बुखार और सर्दी, जुखाम, खांसी तो कारण हैं हीं।

रमन सिंह के पूर्व ओएसडी, रिश्तेदार संक्रमित

बीते दिनों पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह की पत्नी वीणा सिंह कोरोना संक्रमित पाई गई थी, अब उनके संपर्क में आए रिश्तेदार, स्टाफ भी संक्रमित पाए गए हैं। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को बंगले में काम करने वाले दो स्टाफ जिनमें एक कैमरा मैन, दो नजदीकी रिश्तेदार और पूर्व ओएसडी में वायरस की पुष्टि हुई। डॉ. सिंह की कोरोना टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव है।

Karunakant Chaubey Desk/Reporting
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