नवा रायपुर में किराए के कमरे में छापे थे 8 करोड़ के जाली नोट

फर्जीवाड़ा : ओडिशा की टीम आज तीनों आरोपियों को लेकर आएगी रायपुर
-जांजगीर-चांपा के इंजीनियर समेत तीनों आरोपियों को कोरापुट पुलिस ने पकड़ा

By: ramendra singh

Published: 04 Mar 2021, 01:33 AM IST

रायपुर . ओडिशा के कोरापुट जिले में सोमवार को ओडिशा-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर कोरापुट पुलिस को एक कार की तलाशी के दौरान 7.90 करोड़ रुपए के नकली नोट मिले थे। जानकारी मिली है कि इन नोटों की छपाई रायपुर के नवा रायपुर इलाके में एक किराए के कमरे में की गई थी। आरोपी चारपहिया वाहन से चार सूटकेस में 5 सौ रुपए के 1580 बंडल जाली नोट लेकर विशाखापट्टनम की ओर जा रहे थे। तभी ये सभी सुनकी पुलिस थाने की जांच टीम के हत्थे चढ़े। पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया है कि उन्होंने इस जाली नोटों रायपुर से कोरापुट होते हुए विशाखापट्टनम लेकर जा रहे थे, यहां के एक व्यक्ति को यह पैसे सौंपने थे। पकड़े गए तीन आरोपियों में जांजगीर-चांपा का एक इंजीनियर भी शामिल है। कोरापुट के एसपी वरुण गुंटुपल्ली ने कहा कि हमने इस मामले में जांच तेज कर दी है। आरोपियों ने रायपुर से यात्रा करते हुए कई चौकियों और पुलिस स्टेशनों को पार किया था। पुलिस को संदेह था कि वो मादक पदार्थ की तस्करी करने की कोशिश कर रहे है, लेकिन तलाशी में नकली नोट मिल गए।

पुलिस के रोकने पर नहीं रुके, 5 किमी गाड़ी दौड़ाकर पकड़ा

एसपी ने बताया कि जब यह गाड़ी सुनकी में बैरिकेट लगाकर जांच में जुटे जवानों ने जब इन्हें गाड़ी रोकने कहा तो वे बात को दरकिनार कर वहां से भाग खड़े हुए। पुलिस को शक हुआ। तुरंत अपनी गाड़ी में आरोपियों की गाड़ी का पीछा करना शुरू किया। करीब पांच किमी दूर आरोपियों के गाड़ी को ओवरटेक करने के बाद उनकी कार तक पहुंचे। जांच में कार के सामने वाली सीट पर दो ट्रेवलर बैग और पीछे में दो ट्रेवल बैग मिला। खोलने पर जाली नोट पाया।

रातभर 30 जवान नोट की गिनती करते रहे
एसपी ने बताया कि नकली नोट का जखीरा बरामद करने के बाद पुलिस की एक टीम जहां आरोपियों से पूछताछ में जुटी हुई थी। वहीं दूसरी टीम नोट की गिनती करने में जुटी रही। नोट की जांच के लिए पुलिस के 30 जवानों का लगाया गया था, जो रातभर इस काम में लगे रहे। वहीं नोट नकली होने की शिनाख्त स्थानीय बैंक के मैनेजरों से कराया गया।

आंध्र के पंचायत चुनाव में खपाने की थी तैयारी

सुनकी पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपी इस पैसे को विशाखापट्टनम लेकर जा रहे थे। जिन तक यह पैसे पहुंचाने थे। वह आंध्र के पंचायत इलेक्शन में इसका उपयोग करने वाले थे।

जांजगीर-चांपा का इंजीनियर करता था नोटों की छपाई

नवा रायपुर स्थित एक कालोनी में किराए के मकान में नकली नोटों की छपाई होती थी। इसे फोटोकॉपी मशीन के जरिए प्रिंट किया जाता था। इस काम को जांजगीर स्थित डभरा के आरकेएम पावर प्लांट का इंजीनियर रविन्द्र मनहर अपने साथी विजय बर्मन और मनहरण जानहर के सहयोग से करता था। तीनों ही पिछले काफी समय से नकली नोटो की छपाई कर रहे थे। तीनों ही आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद स्थानीय कोर्ट में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। बताया जाता है कि ओडिशा पुलिस 4 फरवरी को रायपुर लेकर आएगी। इस दौरान उनकी निशानदेही पर रायपुर स्थित घर पर दबिश दी जाएगी। साथ ही गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया जाएगा। जांजगीर एसपी पारूल माथुर ने बताया कि नकली नोट से साथ पकड़े गए तीनों ही आरोपी आरकेएम पॉवर प्लांट में काम करते थे।

ramendra singh Desk
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