8वीं क्लास में पढ़ने वाले पीयूष ने अंतरिक्ष और ब्रह्मांड पर लिखी किताब, 150 देशों के 30 हजार बुक स्टॉल पर मिलेगी

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के मूंगझर के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में 8वीं क्लास में पढ़ने वाले 12 साल के छात्र पीयूष जायसवाल ने अंतरिक्ष व ब्रम्हांड की विभिन्न जानकारी और खगोलीय घटना पर अंग्रेजी माध्यम में किताब लिखी है।

By: Ashish Gupta

Updated: 26 Aug 2021, 03:03 PM IST

गरियाबंद. छत्तीसगढ़ के गरियाबंद के मूंगझर के डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल में पढ़ने वाले 8वीं के 12 साल के छात्र पीयूष जायसवाल ने अंतरिक्ष व ब्रम्हांड की विभिन्न जानकारी और खगोलीय घटना पर अंग्रेजी माध्यम में किताब लिखी है। फुलफिल ऑफ कॉसमॉस (Fulfil of Cosmos) के नाम से 88 पन्नों के इस बुक का कलेक्टोरेट मुख्यालय में कलेक्टर नीलेश क्षीरसागर ने विमोचन किया। इस दौरान एडिशनल एसपी सुखनंदन राठौर भी मौजूद थे।

किताब का विमोचन करने के बाद कलेक्टर ने कहा कि प्रतिभा उम्र देख कर नहीं आती। 12 वर्ष के उम्र में किताब लिखना हमारे जिले के लिए गर्व की बात है। एक तरह का यह रिकॉर्ड भी माना जा सकता है। गिनीज बुक में नाम जाए इसके लिए भी प्रयास किया जाएगा। एसएसपी ने भी नन्हें राइटर की तारीफ करते हुए कहा है कि 1000 पन्नों की जानकारी केवल 88 पन्नों के इस किताब में मौजूद है।

डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम से मिली प्रेरणा
पिता पी जायसवाल डीएवी स्कूल के टीचर है। बताते हैं कि पीयूष का रुझान शुरू से खगोलशास्त्र पर केंद्रित था। दो साल पहले नसों ओलंपियाड परीक्षा दिला कर गोल्ड मेडल सर्टिफिकेट हासिल कर चुका है। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और स्पेस फील्ड साइंटिस्ट एलोन मस्क को पीयूष ने प्रेरणा स्रोत माना है। इनकी किताबें पीयूष क्लास 6 जी से पढ़ना शुरू किया, यू-ट्यूब पर भी लगातार विस्तृत जानकारी एकत्र की। पीयूष स्कूलों के कार्यक्रम में फर्राटेदार अंग्रेजी बोल आयोजनों की एंकरिंग भी करता है। इसलिए अंग्रेजी में किताब लिखने में आसानी हुई।

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नोशन प्रेस ने किया प्रकाशन
पीयूष के पिता पी जायसवाल बताते है कि किताबें लिखने के बाद प्रकाशित होने पर संशय बना हुआ था। बेटे की जिद के आगे पिता भी हिम्मत नहीं हारी। अपने शुभचिंतकों से मार्गदर्शन लेकर सीबीएसई की किताबें प्रकाशित करने वाली संस्थान नोशन प्रेस से सम्पर्क किया। ईमेल आईडी पर किताब में उल्लेखित सामग्री का विवरण भेजा, लगातार सवांद का दौर चला, दो बार सुधार के लिए भी पॉइंट दिए गए। फिर इस बड़ी संस्था ने प्रकाशन की हरी झंडी दे दी और 22 जुलाई 2021 को इसका प्रकाशन हो गया। बेटे की इच्छा थी कि किताब का विमोचन वरिष्ठ अफसर के हाथों हो इसलिये कलेक्टर और एडीशनल एसपी के द्वारा विमोचन किया गया।

150 देशों के 30 हजार बुक डिपो में होगा उपलब्ध
प्रकाशक से तय अनुबंध के आधार पर पिता ने बताया कि नोशन प्रेस बुक्स को 150 देशों के 30 हजार बुक डिपो में उपलब्ध करवा रही है। एमेजन व फ्लिपकार्ट में भी इसकी मार्केटिंग होगी। किताब की कीमत 165 रुपए तय है, जिसमें 17 प्रतिशत रॉयल्टी रॉयटर्स को मिलना है। बताया जा रहा है कि 88 पन्नों में मौजूद लेटेस्ट जानकारी इससे पहले तक किसी एक प्लेटफार्म में नहीं थे। इसमें मौजूद जानकारी के लिए नन्हें राइटर्स ने 50 से भी ज्यादा किताबें, यूट्यूब व अन्य सोशल सोर्सेज का अध्ययन किया है। फिर 13 चेप्टर में जानकारियां लिखी। हर चौप्टर में स्कूली किताब की भांति प्रश्न उत्तर का जिक्र किया। इन्हीं खासियत के वजह से नोशन प्रेस ने आसानी से सहमति दे दी।

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