उत्तरप्रदेश से अवैध परिवहन करते 9 ट्रक कोयला पकड़ाया...

खनिज विभाग की कार्रवाई : दस्तावेजों की जांच के बाद खुला मामला

खनिज विभाग की टीम ने कार्रवाई के बाद वाहनों को किया जब्त

 

raipur/अंबिकापुर. कोयले का काला कारोबार जोरों पर चल रहा है। खदान से जिस वाहन में कोयला लोड कराया जाता है, उसे रास्ते में बदलकर दूसरे स्थान पर भेजा जाता है और दस्तावेजों में भी छेड़छाड़ की जाती है। यह कारोबार जिम्मेदार विभाग के अधिकारियों की सेंटिंग से फल-फूल रहा है।

बीच-बीच में अवैध कोयला पकडकऱ खानापूर्ति कर दी जाती है। इस बार खनिज विभाग ने यूपी के एनसीएल खदान से कोयला लेकर निकले 9 ट्रक को अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर स्थित चठिरमा बैरियर के पास पकड़ा है। ट्रक में करीब 300 टन कोयला है। जांच में पता चला कि जिन ट्रकों में खदान से कोयला लोड किया गया था, उसकी जगह दूसरे ट्रक परिवहन कर रहे हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद मामला खुला तो बैरियर पर तैनात कर्मचारी हक्के-बक्के रह गए। फिलहाल कर्मचारियों ने प्रकरण बनाकर विभाग के सुपुर्द कर दिया है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के एनसीएल बीना, खडिय़ा खदान से 9 ट्रक कोयला लोड कर चालकों द्वारा जांजगीर-चांपा ले जाया जा रहा था। 11 फरवरी की रात से लेकर 12 फरवरी की सुबह तक सभी ट्रक अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर स्थित चठिरमा खनिज बैरियर के पास पहुंचे थे। इस दौरान बैरियर पर तैनात जिला खनिज सुपरवाइजर सुरेश सिंह व बैरियर प्रभारी राजेश यादव ने ट्रकों को रुकवाया। उन्होंने जब सभी ट्रकों के दस्तावेजों की जांच की तो गड़बड़ी पाई गई।

दस्तावेज देखने पर पता चला कि जिन ट्रकों में एनसीएल से कोयला लोड किया गया था, उसकी जगह दूसरे ट्रक कोयले का परिवहन कर रहे हैं। ऐसे में उन्होंने सभी ट्रकों को जब्त कर लिया। 9 ट्रकों में करीब 300 टन कोयला लोड है। ट्रकों में लोड कोयला अवैध होने की पूरी संभावना पर प्रकरण बनाकर खनिज विभाग के सुपुर्द कर दिया गया। खनिज विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।

सरगुजा-सूरजपुर जिले में हैं अवैध खदान
सरगुजा व सूरजपुर जिले में भी कोयले का अवैध कारोबार जारी है। देर रात इस कारोबार को तस्करों द्वारा अंजाम दिया जाता है। वहीं दोनों जिले में कई अवैध कोल खदान भी संचालित हैं। यहां से ग्रामीणों के माध्यम से कारोबारी कोयला निकलवाकर डिपो व ईंट-भ_ों में खपाते हैं। कोयले के ऐसे कारोबारियों पर जिम्मेदारों द्वारा कार्रवाई नहीं के बराबर की जाती है। ऐसे में यह धंधा जोर-शोर से दोनों जिलों में फल-फूल रहा है।

ramdayal sao Desk
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