छत्तीसगढ़ में कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार का एक मजबूत नेटवर्क तैयार : सीएम भूपेश

मुख्यमंत्री बघेल ने प्रदेश के कृषि महाविद्यालयों, कृषि विज्ञान केन्द्रों और नवीन कृषि महाविद्यालयों में 115 करोड़ रूपए की लागत के अधोसंरचना विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने इनमें से 46 करोड़ 67 लाख रूपए की लागत के कार्यों का लोकार्पण और 63 करोड़ 10 लाख रूपए की लागत के कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास किया।

By: Shiv Singh

Published: 20 Jan 2021, 06:25 PM IST

रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में खाद्य प्रौद्योगिकी महाविद्यालय रायपुर सहित 4 नये उद्यानिकी महाविद्यालयों साजा (बेमेतरा जिला), अर्जुन्दा (बालोद जिला), धमतरी, जशपुर और लोरमी कृषि महाविद्यालय (जिला मुंगेली) और नवीन कृषि विज्ञान केन्द्र कोण्डागांव का शुभारंभ किया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य स्थापना के समय छत्तीसगढ़ में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय सहित केवल 01 कृषि महाविद्यालय था। आज कृषि, उद्यानिकी के 46 महाविद्यालय, 08 अनुसंधान केंद्र एवं 27 कृषि विज्ञान केंद्र इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत काम कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ के उत्तर में बलरामपुर से लेकर दक्षिण में सुकमा तक कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं प्रसार का एक मजबूत नेटवर्क तैयार हो गया है।
इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के 35वें स्थापना दिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित इस कार्यक्रम में
मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में कृषि और जलसंसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे, खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, उद्योग मंत्री कवासी लखमा, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिय़ा, विधायक अमितेश शुक्ला, देवव्रत सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. एम. गीता, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस. के.पाटिल और कुलसचिव प्रभाकर सिंह उपस्थित थे। इस प्रदेश व्यापी कार्यक्रम में 12 मंत्री और 21 विधानसभा क्षेत्रों के विधायक सहित विभिन्न कृषि महाविद्यालयों और कृषि विज्ञान केन्द्रों के वैज्ञानिक, शिक्षक और विद्यार्थी भी जुड़े।
सीएम ने यह भी कहा
सीएम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा कृषि शिक्षा के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पिछले 02 वर्षों में हमने 08 महाविद्यालय स्थापित किए हैं। इस वर्ष हम 08 नये महाविद्यालय खोलने जा रहे हैं। कृषि की शिक्षा में बच्चों के रुझान को देखते हुए हमने प्रवेश क्षमता में भी वृद्धि की है। पिछले 02 वर्षों में लगभग 20 प्रतिशत सीट की वृद्धि की गई है। अगले वर्ष से प्रवेश क्षमता में 10 प्रतिशत की और वृद्धि की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा सुराजी गांव योजना के तहत राज्य में 7 हजार से अधिक गोठानों का निर्माण किया जा रहा है। 4 हजार से ज्यादा गोठान सक्रिय भी हो चुके हैं। 325 गोठानों को कृषि महाविद्यालयों एवं कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा गोद लिया गया है, जिनमें वैज्ञानिकों द्वारा वर्मी कंपोस्ट निर्माण, मशरूम उत्पादन, बटेर पालन, कड़कनाथ मुर्गी पालन, सब्जियों-फूलों की खेती का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बाड़ी विकास के तहत विश्वविद्यालय द्वारा लगभग 8000 बाडिय़ों का विकास किया जा रहा है। कार्यक््रम में कृषि मंत्री ने धान की सुगंधित प्रजातियों को जिलेवार दर्शाता ''धान से धनी छत्तीसगढ़'' का नक्शा स्मृति चिन्ह के रूप में मुख्यमंत्री को भेंट किया।

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Shiv Singh Desk
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