वन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ होगी कार्रवाई, भेजे जाएंगे जेल

तौरेंगा बफर जोन क्षेत्र में लोगों ने हजारों हेक्टेयर जंगल को काटकर वनभूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास बदस्तूर जारी है।

By: dharmendra ghidode

Published: 27 Jun 2021, 06:12 PM IST

मैनपुर. तौरेंगा बफर जोन क्षेत्र में लोगों ने हजारों हेक्टेयर जंगल को काटकर वनभूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास बदस्तूर जारी है। इससे न सिर्फ पर्यावरण को भारी नुकसान हो रहा है, बल्कि उदंती अभयारण्य क्षेत्र में पाए जाने वाले दुर्लभ वन्य जीवों की जान पर भी आफत बन आई है। लेकिन, अब जंगलों में अवैध रूप से बड़े-बड़े कीमती इमारती वृक्षों को काटकर वन जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों को जेल भेजने की भी तैयारी की जा रही है। जिसके लिए बाकायदा जिम्मेदार वन अधिकारियों के द्वारा जगह-जगह नोटिस चस्पा करते हुए वन परिक्षेत्र तौरेंगा बफर क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त रखने फरमान जारी किया गया है।
चस्पा नोटिस में इस परिक्षेत्र अंतर्गत आने वाले वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार अतिक्रमण की स्थिति निर्मित नहीं होनी चाहिए। वर्षा ऋतु प्रारंभ हो चुका है जहां अतिक्रमणकारियों द्वारा अतिक्रमण करने के लिए प्रयासरत रहते हैं। निगरानी के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारी तौरेंगा परिक्षेत्र के द्वारा मैदानी इलाके के सभी वन अधिकारी कर्मचारी को अपने-अपने कार्य क्षेत्रों के ग्रामों में मुनादी कराते हुए कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन के अलावा शासकीय वनभूमि पर किसी भी प्रकार का जोताई सफाई कार्य नहीं किए जाने का चेतवनी दी गई है।
तौरेंगा परिक्षेत्र के जंगल व आसपास के गांव में वन विभाग की हजारों हेक्टेयर भूमि पर कई सालों से लोगों ने कब्जे किए हैं। इन भूमि की कीमत करोड़ों रुपए है। आज भी लोग वनभूमि पर बेशकीमती इमारती लकड़ी के पेड़ों को काटकर वनभूमि को समतल कर रहे हैं। इसके बाद धीरे-धीरे उस जमीन पर खेती करना शुरू कर देते हैं अतिक्रमणकारियों के द्वारा शासकीय वन भूमि पर उपयोग किए जा रहे ट्रैक्टर नागर इत्यादि सामग्रियों का जब्त करते हुए राजसत की कार्रवाई की जाएगी। अपराधी व्यक्ति के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करते हुए जेल दाखिला की कार्रवाई की जावेगी। वन क्षेत्र को कोई भी हालत हो अतिक्रमण से मुक्त रखे जाने का निर्णय वन विभाग के द्वारा लिया गया है।

तौरेंगा वन परिक्षेत्र (बफर जोन) में अतिक्रमणकारियों के द्वारा यदि अतिक्रमण या शासकीय जमीन पर ट्रैक्टर नागर इत्यादि सामग्रियों का उपयोग किया जाएगा तो राजसात की कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है।
मिलन राम वर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी तौरेगा बफर जोन

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