AIIMS के कोरोना वार्ड से कूदकर जान देने वाले बुजर्ग का न घर कंटेनमेंट, न परिजनों की सैंपलिंग

AIIMS के कोरोना वार्ड से कूदकर जान देने वाले बुजर्ग का न घर कंटेनमेंट, न परिजनों की सैंपलिंग

By: Bhawna Chaudhary

Published: 14 Aug 2020, 08:30 AM IST

रायपुर . एम्स में भर्ती लालपुर निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग की आत्महत्या मामले में कई सवाल खड़े हो रहे हैं। 'पत्रिका' पड़ताल में सामने आया कि बुजुर्ग 8 अगस्त को कोरोना संक्रमित पाया गया था। जिला प्रशासन द्वारा जारी सूची में उसका नाम दर्ज है। मगर, इसमें घर पर पता की जगह सिर्फ लालपुर लिखा हुआ है।

संक्रमित पाए जाने की स्थिति में उसके घर को कंटेनमेंट जोन घोषित किया जाना चाहिए था, जो आज दिनांक तक नहीं किया गया। वह संक्रमित था, इसकी सूचना जिला प्रशासन की तरफ से थाना टिकरापारा को दी जानी थी, वह भी नहीं दी गई। लापरवाही की हद तो यह है कि बुजुर्ग के संपर्क में रहने वाले परिवार के किसी भी सदस्य का कोरोना टेस्ट नहीं करवाया गया। इस घटनाक्रम ने कोरोना काल में व्यवस्था में लापरवाही को उजागर किया है। इस पूरे मामले में सभी एजेंसियों पर सवाल उठ रहे हैं।

बेटे ने कहा- कोरोना पॉजिटिव आने की सूचना दी गई थी
'पत्रिका' ने मृतक बलराम साहू के बेटे नकुल से बात की। उन्होंने कहा कि पिता के संक्रमित होने की सूचना फोन पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई थी। उन्हें मोबाइल चलाना नहीं आता था, मगर मैं फोन खरीदकर देने जाने वाला था कि सुबह-सुबह सूचना आई कि उनकी मौत हो गई। पिताजी को अगर जरा भी कुछ लगता था तो वह तुरंत डॉक्टर के पास चले जाते थे, हम लोगों को बिना बताए ही। वह कैसे उतने ऊपर से कूद सकता है, हम यकीन नहीं कर पा रहे हैं। उन्हें मनोरोगी ना कहें। वे ठीक थे। स्वस्थ थे, एक्टिव थे। (पूछे जाने पर) हम लोग रोजी मजदूरी करते हैं। रोजी-रोटी चलती है। इस पूरी घटना के बाद अभी तक हमारे यहां स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और जिला प्रशासन की तरफ से कोई नहीं आया है।


किस विभाग की क्या है जिम्मेदारी

स्वास्थ्य विभाग
संदिग्ध व्यक्ति की सैंपलिंग करना। संक्रमित पाए जाने पर उसे अस्पताल या फिर कोविड-19 केयर सेंटर में भर्ती करवाया जाना। जिला प्रशासन संक्रमित व्यक्ति की कांटेक्ट ट्रेसिंग कोरोना। कंटेनमेंट जोन के लिए नगर निगम और लोक निर्माण विभाग को निर्देशित करना।

नगर निगम
जिस क्षेत्र से व्यक्ति संक्रमित मिला है, उसके घर और आस-पास के क्षेत्रको सेनिटाइज करना। जिला प्रशासन द्वारा दिए गए कंटेनमेंट जोन के स्टीकर को चस्पा करना।

पीडब्ल्यूडी
किसी घर से एक व्यक्ति मिलता है तो उस घर को कंटेनमेंट जोन बनाना, यानी की बांस बल्ली लगाना ताकी कोई आ-जा न सके। अगर, पांच या पांच से अधिक व्यक्ति संक्रमित पाए जाते हैं तो गली को सील करना है।

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